यूपी में 2.85 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज की खरीद करेगी योगी सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि किसानों से भारत सरकार द्वारा तय MSP पर उपज खरीदी जाएगी। खरीद की अवधि 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित की गई है।

योगी सरकार खरीदेगी 2.85 लाख टन मोटा अनाज

HIGHLIGHTS

  • यूपी में किसानों को मिलेगा बढ़ा MSP
  • बाजरा-ज्वार बेचकर कमाएं ज्यादा पैसा
  • योगी सरकार खरीदेगी लाखों टन अनाज
  • किसानों के लिए खरीद केंद्र तैयार

यूपी मोटे अनाज खरीद 2026-27: उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मक्का, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद नीति को मंजूरी दे दी है। योगी सरकार किसानों से कुल 2.85 लाख मीट्रिक टन मोटा अनाज खरीदने का कार्यकारी लक्ष्य लेकर चल रही है। खरीद के लिए प्रदेश में 455 केंद्र प्रस्तावित हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि किसानों से भारत सरकार द्वारा तय MSP पर उपज खरीदी जाएगी। खरीद की अवधि 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। उपज का भुगतान बैंक खाते के सत्यापन के बाद यथासंभव 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के खाते में भेजने की व्यवस्था होगी।

बाजरा, मक्का और ज्वार का नया समर्थन मूल्य

नई नीति के तहत बाजरे का MSP 125 रुपये बढ़ाकर 2,900 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। पिछले वर्ष इसका समर्थन मूल्य 2,775 रुपये प्रति क्विंटल था। हाइब्रिड ज्वार के MSP में 324 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब इसके लिए किसानों को 4,023 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे, जबकि पहले यह दर 3,699 रुपये थी।

किस अनाज की कितनी खरीद होगी?

प्रदेश के लिए निर्धारित 2.85 लाख मीट्रिक टन के कुल कार्यकारी लक्ष्य में बाजरे की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। प्रस्तावित खरीद का ब्योरा इस प्रकार है:

  • बाजरा: 2.20 लाख मीट्रिक टन
  • ज्वार: 50 हजार मीट्रिक टन
  • मक्का: 15 हजार मीट्रिक टन

योगी सरकार ने इन फसलों की आवक और खरीद की संभावना को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जिलों में केंद्र खोलने का प्रस्ताव रखा है। कुल 455 केंद्रों में से 300 केंद्र बाजरे, 80 केंद्र ज्वार और 75 केंद्र मक्का की खरीद के लिए निर्धारित किए जाएंगे। इन केंद्रों की स्थापना मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में की जाएगी, जहां संबंधित फसलों का उत्पादन अधिक होता है और मंडियों में उनकी आवक भी अच्छी रहती है।

इन जिलों में खरीदा जाएगा मक्का

मक्का की सरकारी खरीद 25 जिलों में प्रस्तावित है। इनमें बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र और ललितपुर शामिल हैं।

33 जिलों में होगी बाजरे की खरीद

बाजरे की खरीद के लिए 33 जिले निर्धारित किए गए हैं। इस सूची में बुलंदशहर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, जालौन, चित्रकूट और हमीरपुर शामिल हैं।

ज्वार की खरीद उन्नाव, हरदोई, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, मिर्जापुर, झांसी, जालौन, बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट में की जाएगी।

सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी

मक्का, बाजरा और ज्वार को सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने के इच्छुक किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट www.fcs.up.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। खरीद केंद्र पर किसान की कंप्यूटरीकृत सत्यापित खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र और आधार कार्ड के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

किसानों की पहचान की पुष्टि के लिए ई-पॉप मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। खरीद का पूरा काम राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर पर ऑनलाइन संचालित किया जाएगा। इससे खरीद और किसान के विवरण का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।

आधार से जुड़े खाते में आएगी भुगतान राशि

सरकारी खरीद के बाद भुगतान किसान के आधार से जुड़े और NPCI से मैप किए गए बैंक खाते में किया जाएगा। बैंक खाते का सत्यापन भारत सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) पोर्टल के जरिए होगा। खाते की पुष्टि होने के बाद भुगतान यथासंभव 48 घंटे के भीतर सीधे खाते में भेजने की व्यवस्था की गई है।

किसानों को पंजीकरण के समय बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी सही देने की जरूरत होगी, ताकि सत्यापन या भुगतान में परेशानी न हो। नई नीति के तहत MSP पर खरीद, ऑनलाइन पंजीकरण और सीधे बैंक खाते में भुगतान—तीनों व्यवस्थाओं के जरिए सरकारी खरीद प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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