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विधानसभा में सीएम फडणवीस ने खोला अशोक खरात का पर्दा

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व नासिक के 'स्वयंभू बाबा' अशोक खरात

CM Fadnavis On Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र की राजनीति और समाज में हड़कंप मचाने वाले नासिक के ‘स्वयंभू बाबा’ अशोक खरात मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में एक बड़ा खुलासा किया। सीएम ने सदन को बताया कि आरोपी अशोक खरात सिर्फ एक जालसाज नहीं, बल्कि एक खतरनाक अपराधी था, जो ‘ब्रह्मांड विज्ञान’ और ‘दैवीय शक्तियों’ का झांसा देकर महिलाओं का शोषण करता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की सक्रियता के कारण ही वह देश छोड़कर भागने से पहले दबोचा जा सका।

विदेश भागने की थी फिराक, LOC ने रोका

सीएम फडणवीस ने सदन को सूचना दी कि अशोक खरात के देश छोड़कर भागने की प्रबल संभावना थी। इसे देखते हुए पुलिस ने 10 मार्च 2026 को ही लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया था। अंततः 17 मार्च को एक पीड़िता की शिकायत के बाद उसे रात 11:59 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।

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कैसे खुला राज?

मामले की शुरुआत जनवरी 2025 में एक ब्लैकमेलिंग की शिकायत से हुई थी, जिसमें खरात ने खुद को पीड़ित बताया था। हालांकि, फरवरी 2026 में शिरडी की एक महिला की शिकायत पर साइबर जांच शुरू हुई। पुलिस ने खरात के करीबी गवाह योगेश भालेराओ से पूछताछ की, तो मामला पलट गया। भालेराओ ने पुलिस को 35 वीडियो दिखाए, जिनमें खरात 8 महिलाओं के साथ अघोरी कृत्य और यौन शोषण करता दिख रहा था।

‘कैप्टन’ का अंधकारमय मायाजाल

सीएम ने बताया कि खरात खुद को ‘कैप्टन’ कहता था और उसने ‘ओकस प्रॉपर्टीज’ कार्यालय को अपने शोषण का अड्डा बना रखा था। उसका तरीका बेहद भयावह था। सम्मोहन और नशीले पदार्थ वह महिलाओं को नशीला पानी पिलाकर सम्मोहित कर देता था। डर और धमकी पीड़िताओं को उनके पति की मृत्यु या परिवार के बर्बाद होने का डर दिखाकर ब्लैकमेल करता था। काला जादू सांपों का इस्तेमाल और अघोरी प्रथाओं के साक्ष्य मिले हैं। इस पर ‘महाराष्ट्र नरबलि और अन्य अमानुष प्रथा निवारण अधिनियम’ के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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SIT जांच और राजनीतिक सलीकता

इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया है। सीएम ने सदन में कहा कि अगर कोई IAS, IPS अधिकारी या राजनीतिक नेता इसमें शामिल पाया गया, तो उसे सीधे सह-आरोपी बनाया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सवाल भी उठाया कि पिछली सरकारों के दौरान खरात के आश्रम को 40 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन समेत विशेष सुविधाएं कैसे मिलीं? फिलहाल, पुलिस अशोक खरात से कड़ी पूछताछ कर रही है और महाराष्ट्र सरकार ने संकेत दिया है कि महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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