Delhi News: दिल्ली के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर राजनीतिक सियासत तेज हो गई है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सीएम रेखा गुप्ता सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आर्थिक सर्वेक्षण को “पुराने आंकड़ों का नया खेल” करार दिया है। उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों, बजट प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जल संकट जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पारदर्शिता पर गहरा सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश नहीं किया, जिससे पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। उन्होंने कहा कि इस बार पेश किए गए सर्वेक्षण भी अधूरा है और उसमें कई महत्वपूर्ण आंकड़े गायब हैं। उनका दावा है कि सरकार ने पुराने आंकड़ों में मामूली बदलाव करके उन्हें नए रूप में पेश किया है, जो कि गंभीर मुद्दा है।
जीडीपी में गिरावट और अर्थव्यवस्था की चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली की अर्थव्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि राजधानी की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 2023-24 में 9.63 प्रतिशत रहने से गिरकर 2024-25 में सिर्फ 6.23 प्रतिशत रह गई है। इस गिरावट को वे दिल्ली की आर्थिक रफ्तार धीमी होने का संकेत बता रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान विकास दर कहीं अधिक मजबूत थी, जबकि वर्तमान सरकार इसे नहीं बना पाई है।
यह भी पढ़ें : ‘धुरंधर-2’ के तूफान के बीच अक्षय कुमार का बड़ा बयान
शिक्षा क्षेत्र में ‘ठहराव’
शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले एक साल में 75 स्कूलों का नाम बदलकर ‘सीएम श्री स्कूल’ कर दिया गया, लेकिन एक भी नया स्कूल नहीं खोला गया। उन्होंने सवाल उठाया कि शिक्षा के विस्तार की जगह सिर्फ नामकरण पर जोर दिया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र में ठहराव साफ दिख रहा है।
बजट और कर्ज का बोझ
बजट प्रबंधन को लेकर भी सरकार घेर में आई है। यादव ने कहा कि 2025-26 के बजट में भारी पूंजीगत और कुल घाटा दिखाया गया है, जिसे पूरा करने के लिए सरकार को बड़े पैमाने पर कर्ज लेना पड़ रहा है। उन्होंने खुलासा किया कि फरवरी 2026 तक योजनाओं के लिए आवंटित बजट का करीब 43 प्रतिशत खर्च नहीं हो पाया, जो विकास कार्यों के कार्यान्वयन में सरकार की विफलता को दर्शाता है।
जल संकट और सार्वजनिक परिवहन की दुर्दशा
कांग्रेस अध्यक्ष ने जल संकट को गंभीर बताते हुए कहा कि दिल्ली को आवश्यकता के मुकाबले काफी कम पानी मिल रहा है। उत्पादन और सप्लाई के बीच बड़ा अंतर और पानी का बड़े पैमाने पर लीकेज होना राजधानी के लिए भविष्य में और बड़ा संकट बन सकता है। वहीं, सार्वजनिक परिवहन की स्थिति भी बद्दल नजर आ रही है। डीटीसी बसों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिससे यात्रियों की संख्या और रोजाना चलने वाले किलोमीटर में भी कमी आई है।
यह भी पढ़ें : उज्जैन में बुलडोजर एक्शन, बेगमबाग में 16 अवैध इमारतें ध्वस्त
स्वास्थ्य सेवाओं में कमी
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कमियां उजागर हुई हैं। यादव ने बताया कि कई स्वास्थ्य केंद्रों को बंद या परिवर्तित कर दिया गया है, जिससे प्राथमिक सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अस्पतालों में प्रति हजार लोगों पर बेड की संख्या घटना बढ़ती आबादी के बीच चिंता का विषय है।
सरकार सिर्फ घोषणाओं में सीमित: यादव
अंत में देवेंद्र यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर विकास कार्य ठप हैं। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने और दिल्लीवासियों को बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।

























