UP News: उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) ने शहर के बेगमबाग क्षेत्र में अवैध निर्माण और लीज शर्तों के उल्लंघन के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से 16 अवैध इमारतों को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई उन भवनों के खिलाफ की गई है, जहां आवासीय प्लॉट्स का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि बेगमबाग एक मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। प्रशासन की कार्रवाई से पहले इस क्षेत्र में 45 भवनों की लीज निरस्त की गई थी। जांच में सामने आया कि इन 45 भवनों के स्थान पर अवैध रूप से करीब 90 से 95 निर्माण कर लिए गए थे। प्रभावित लोगों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और उन्हें अस्थायी स्टे मिला था। हालांकि, अब जबकि कोर्ट से मिला स्टे समाप्त हो चुका है, प्राधिकरण ने कार्रवाई का दायरा तेज कर दिया है।
1985 की योजना का उल्लंघन
प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि वर्ष 1985 में उज्जैन विकास प्राधिकरण की एक आवासीय योजना के तहत ये भूखंड लीज पर दिए गए थे। लीज की शर्तों में साफ-साफ लिखा था कि इनका उपयोग केवल आवासीय उद्देश्य के लिए ही किया जाएगा। लेकिन समय के साथ शिकायतें मिलने लगीं कि इन प्लॉट्स पर होटल, लॉज और स्कूल जैसी व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। इसके चलते प्रशासन ने पहले 45 भवनों की लीज रद्द की और अब अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें : 23 मार्च राशिफल: जानिए क्या कहते हैं आपके सितारे, किसे मिलेगा धन लाभ और किसे पारिवारिक सुकून
स्कूल को मिला एक सप्ताह का समय
सीईओ संदीप सोनी ने स्पष्ट किया कि जिन अवैध इमारतों को हटाया जा रहा है, उनमें होटल, लॉज, मकान और एक स्कूल भी शामिल है। स्कूल प्रबंधन को अपना सामान सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है, जबकि अन्य निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई जारी है।
भारी पुलिस बल और ड्रोन की निगरानी
कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण तैयारी बनाई थी। मौके पर दो पोकलेन मशीन, चार जेसीबी, पांच डंपर और 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (सीएसपी) राहुल देशमुख ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया ताकि कानून-व्यवस्था की समस्या न हो।
























