नोएडा में निजी बसों पर बड़ा एक्शन, 47 बसें जब्त, 76 के चालान

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में निजी बसों की निगरानी तेज। ऑपरेशन कवच के तहत 47 बसें जब्त और 76 के चालान, सुरक्षा मानकों में कमी वाली बसें हाई-अलर्ट पर।

नोएडा में असुरक्षित बसों पर परिवहन विभाग का शिकंजा (फाइल फोटो)

HIGHLIGHTS

  • इमरजेंसी गेट नहीं तो बसों पर होगी कार्रवाई
  • एक बस में गड़बड़ी, पूरा बेड़ा जांच के घेरे में
  • एक्सप्रेसवे पर बस रोकने वालों पर विभाग सख्त
  • आगरा से नागालैंड तक चलती बसों की होगी जांच

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने निजी बसों के खिलाफ जांच तेज कर दी है। ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत 9 से 11 अक्टूबर तक चले अभियान में 47 बसें जब्त की गईं और 76 बसों के चालान किए गए। विभाग ने दिल्ली से नोएडा होकर चलने वाली एक हजार से अधिक निजी बसों का डाटा भी तैयार किया है। सुरक्षा मानकों में कमी वाली बसों को अलग श्रेणी में रखकर उन पर विशेष निगरानी की जाएगी।

गौतमबुद्ध नगर परिवहन विभाग ने यह कदम बस में गैंगरेप और आग लगने की घटनाओं के बाद उठाया है। अधिकारियों के मुताबिक, बसों की जांच अब केवल एक बार की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। जिन बसों में नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा संबंधी कमी मिलेगी, उनकी आगे भी निगरानी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित बस ऑपरेटर के पूरे बेड़े की जांच की जा सकती है।

सुरक्षा में कमी वाली बसें रहेंगी हाई-अलर्ट पर

परिवहन विभाग ने दिल्ली से नोएडा होकर गुजरने वाली एक हजार से अधिक निजी बसों का रिकॉर्ड तैयार किया है। इनमें फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की जानकारी शामिल की जा रही है। जिन बसों में अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी गेट या अन्य जरूरी सुरक्षा सुविधाओं की कमी पाई जाएगी, उन्हें हाई-अलर्ट श्रेणी में रखा जाएगा।

ऐसी बसों पर सड़क पर चलने के दौरान और नियमित अंतराल पर विशेष नजर रखी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, किसी ऑपरेटर की एक बस में गंभीर गड़बड़ी मिलने पर उसी ऑपरेटर की दूसरी बसों की भी जांच की जा सकती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक ही बेड़े की अन्य बसें भी यात्रियों की सुरक्षा के मानकों पर खरी उतरें।

‘ऑपरेशन कवच’ के तहत कार्रवाई

एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडे ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए अनाधिकृत और नियमों के विरुद्ध चलने वाली बसों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान को ‘ऑपरेशन कवच’ नाम दिया गया है। इसके तहत बसों के दस्तावेजों, फिटनेस और सुरक्षा उपकरणों की जांच की जा रही है।

विभाग का कहना है कि केवल कागजात की जांच ही नहीं, बस की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा इंतजाम भी देखे जा रहे हैं। नियमों का पालन न करने वाली बसों को सड़क पर चलने से रोकने के लिए जब्ती, चालान और फिटनेस संबंधी कार्रवाई की जा रही है।

तीन दिन में 47 बसें जब्त, 76 के चालान

9 से 11 अक्टूबर तक चले जांच अभियान में 47 निजी बसें जब्त की गईं, जबकि 76 बसों के चालान किए गए। इससे पहले चलाए गए अभियान में 87 बसों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इनमें से 80 बसों को बंद किया गया था।

तकनीकी निरीक्षण में असफल पाई गई बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र और पंजीकरण को निलंबित करने की प्रक्रिया भी की जा रही है। परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर दबाव बनाना और यात्रियों को असुरक्षित बसों में सफर करने से रोकना है।

दिल्ली-नोएडा से आगरा और नागालैंड तक निजी बसों का संचालन

दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से निजी बसें यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते उत्तर प्रदेश के कई शहरों और दूसरे राज्यों तक जाती हैं। इनकी सेवाएं आगरा से लेकर नागालैंड तक के मार्गों पर उपलब्ध हैं। लंबी दूरी के कई रूटों पर रोडवेज बसों की सीमित सुविधा के कारण यात्री निजी बसों पर निर्भर रहते हैं।

इनमें स्लीपर बसें भी शामिल हैं, जबकि रोडवेज में स्लीपर बसों की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यात्रियों की इस निर्भरता के बीच बस की फिटनेस, आपातकालीन निकास और आग से बचाव के इंतजाम अहम हो जाते हैं। इसलिए विभाग की निगरानी का दायरा केवल बसों के कागजात तक सीमित नहीं रहेगा; सुरक्षा उपकरणों और तकनीकी हालत की जांच भी की जाएगी।

प्रतिबंध के बावजूद एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने की शिकायत

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सवारी बैठाने और उतारने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिला प्रशासन के निर्देशों के बावजूद कुछ बसों के एक्सप्रेसवे पर रुककर यात्रियों को चढ़ाने और उतारने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

चलती सड़क पर बस रोकना यात्रियों और अन्य वाहन चालकों—दोनों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी अभियान का अहम हिस्सा है। यात्रियों से अपील है कि वे बस में चढ़ने से पहले उसकी वैधता और सुरक्षा सुविधाओं पर ध्यान दें तथा एक्सप्रेसवे पर निर्धारित स्थानों के अलावा कहीं भी बस में चढ़ने या उतरने से बचें।

यात्रियों की सुरक्षा पर विभाग की नजर

‘ऑपरेशन कवच’ के तहत निजी बसों की निगरानी और जांच जारी रहने की बात कही गई है। जिन बसों में फिटनेस, परमिट या सुरक्षा व्यवस्था की कमी मिलेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग की चुनौती यह भी है कि लंबी दूरी की निजी बस सेवाओं पर निर्भर यात्रियों को सुरक्षित विकल्प मिलें और नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों पर प्रभावी नियंत्रण रहे।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now