पटना में AISA का मार्च, चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी

पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ AISA ने मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े और डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।

पटना में AISA का प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च

HIGHLIGHTS

  • ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर छात्र
  • डाकबंगला पर पुलिस ने रोका मार्च
  • ‘ज्ञानेश कुमार मुर्दाबाद’ से गूंजा पटना
  • चुनाव आयोग के खिलाफ AISA का मार्च

पटना में मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। मार्च गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाते हुए लोकभवन की ओर बढ़ना चाहते थे।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, मार्च में शामिल कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर लिया और आगे बढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर भारी संख्या में जवान तैनात कर मार्च को रोक दिया। प्रदर्शनकारी वहीं रुककर नारेबाजी करने लगे।

डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने रोका मार्च

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘ज्ञानेश कुमार मुर्दाबाद’ और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए। उनके हाथों में कई पोस्टर और तख्तियां थीं। कुछ पोस्टरों पर ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री की तस्वीरें थीं, जबकि अन्य पर चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ संदेश लिखे थे।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे लोकभवन तक जाकर अपनी मांगें और विरोध दर्ज कराना चाहते हैं। लेकिन डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी। पुलिस की रोक के बाद भीड़ और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी करते दिखे।

इस्तीफे की मांग करते दिखे प्रदर्शनकारी

AISA कार्यकर्ताओं ने मार्च के दौरान ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों पर अलग-अलग राजनीतिक संदेश लिखे थे। एक पोस्टर में प्रधानमंत्री की तस्वीर के साथ ‘टियर गैस की व्यवस्था नहीं है?’ लिखा हुआ था। एक अन्य पोस्टर पर चाय की दुकान और देश चलाने को लेकर तंज कसता हुआ नारा दिखाई दिया।

प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए अपना विरोध जताया। मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि वे अपनी आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रदर्शनकारियों की मांगों और आरोपों पर चुनाव आयोग या मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

बैरिकेडिंग के बाद बढ़ी हलचल

जेपी गोलंबर से निकला मार्च जब आगे बढ़ा, तब पुलिस ने उसे रोकने के लिए बैरिकेड लगाए। प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड पार करने के बाद पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़े और कुछ ने पोस्टर दिखाकर नारे लगाए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस ने मार्च को डाकबंगला से आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं जुटे रहे और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

कई छात्र हिरासत में लिए गए

प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और उन्हें कहां ले जाया गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस की कार्रवाई के बाद मार्च लोकभवन तक नहीं पहुंच सका और डाकबंगला चौराहे पर ही रोक दिया गया।

यह प्रदर्शन पटना में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ AISA की ओर से निकाला गया मार्च था। कार्यकर्ताओं ने पोस्टर, नारे और इस्तीफे की मांग के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए रास्ता रोका और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने नहीं दिया।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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