दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पार्टी की ओर से साझा किए गए वीडियो में आशुतोष रांका और उनके साथ मौजूद समर्थक नारे लगाते और झंडे लेकर प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन में सौरव दास भी शामिल थे।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नेताओं ने मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। कुछ ही देर बाद पुलिस ने आशुतोष रांका, सौरव दास और उनके साथियों को पकड़कर हिरासत में ले लिया। घटना का वीडियो आशुतोष रांका और CJP के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया है।

वीडियो में क्या दिखा?
बता दें कि साझा किए गए वीडियो में रांका समर्थकों के साथ झंडे लिए दिखाई देते हैं। प्रदर्शनकारी सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाते हैं। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें वहां से हटाते और हिरासत में लेते नजर आते हैं। वीडियो के साथ पार्टी ने अपने विरोध और नेताओं की कार्रवाई को लेकर संदेश भी साझा किया।
हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या, उन्हें किस थाने ले जाया गया और उनकी रिहाई को लेकर इस घटना से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए इन पहलुओं की पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों या प्रशासन के बयान से की जानी चाहिए।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन-स्थल की सूची से हटाने पर नाराजगी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब पार्टी के मुताबिक सरकार ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन की अनुमति वाले स्थलों की सूची से हटा दिया है। इस फैसले पर पार्टी ने नाराजगी जताई और इसे विरोध के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नेता अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाना सरकार की चिंता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जगह को सूची से हटाने का मतलब यह नहीं कि विरोध बंद हो जाएगा। यह दीपके का राजनीतिक बयान है; आदेश की स्थिति और उसके लागू होने के दायरे की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से की जानी चाहिए।
दीपके ने आशुतोष रांका की एक तस्वीर भी साझा की। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराते आशुतोष रांका।” इस पोस्ट के जरिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन को अपने विरोध अभियान से जोड़कर पेश किया।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले भी हुई थी कार्रवाई
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। पार्टी के अनुसार, अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था। पार्टी ने यह भी दावा किया कि शहर के अलग-अलग स्थानों से 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए पुलिस या प्रशासन का आधिकारिक पक्ष जरूरी है। हिरासत और रिहाई से जुड़े मामलों में लोगों की संख्या, कार्रवाई का कारण और समय जैसे विवरण अक्सर अलग-अलग स्रोतों में भिन्न हो सकते हैं।
CEC के खिलाफ CJP की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का मौजूदा विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी समर्थकों ने उनके इस्तीफे की मांग की। हालांकि, उपलब्ध विवरण में यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी ने इस मांग के समर्थन में कौन-से विशिष्ट आरोप या दस्तावेज पेश किए हैं। इसलिए खबर में आरोपों, राजनीतिक दावों और पुष्ट तथ्यों को अलग-अलग रखना जरूरी है।
जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई के बाद अब ध्यान इस बात पर है कि प्रदर्शन स्थल से जुड़े नियमों की आधिकारिक स्थिति क्या है और हिरासत में लिए गए नेताओं के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई की गई या नहीं। पुलिस और प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने पर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।






















