Bihar News: बिहार के वैशाली जिले में अवैध रूप से डीजे बजाने के मामले को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच जमकर भिड़ंत हुई। मोहर्रम के त्योहार को लेकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा लगाए गए डीजे प्रतिबंध को ताक पर रखते हुए उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना में महनार थानाध्यक्ष और एक दारोगा समेत कई पुलिस जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
मिडिल स्कूल के पास बिगड़ा माहौल
यह पूरा मामला महनार थाना क्षेत्र अंतर्गत महनार बाजार स्थित मिडिल स्कूल के पास का है। बताया जा रहा है कि मोहर्रम के त्योहार को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए डीजे बजाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया था। इस प्रतिबंध का पालन कराने के लिए पुलिस लगातार गश्त पर थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि महनार बाजार में मिडिल स्कूल के समीप कुछ लोग प्रतिबंध के बावजूद डीजे लेकर जा रहे हैं और शोर-शराबा मचाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही महनार थानाध्यक्ष वेदानंद के नेतृत्व में एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम में सब इंस्पेक्टर (दारोगा) अनिल कुमार पांडेय और अन्य पुलिस बल मौजूद थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से दो डीजे को जब्त कर लिया, लेकिन तभी से बवाल की शुरुआत हो गई।
पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से हमला
जैसे ही पुलिस ने डीजे अपने कब्जे में लिया, तभी वहां अचानक से बड़ी संख्या में भीड़ जमा होने लगी। देखते ही देखते शांत माहौल तनावपूर्ण हो गया और भीड़ ने पुलिस को घेर लिया। आरोप है कि उग्र लोगों ने सबसे पहले पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की शुरू की और फिर जल्द ही यह धक्का-मुक्की जमकर मारपीट में बदल गई।
उपद्रवियों ने थानाध्यक्ष वेदानंद और दारोगा अनिल कुमार पांडेय को निशाना बनाया। भीड़ ने बेरहमी से पुलिस जवानों पर हमला किया। सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार पांडेय पर सबसे ज्यादा जानलेवा हमला किया गया। उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसे और लाठियों से जमकर पीटा गया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। इस हमले में थानाध्यक्ष समेत दो अन्य पुलिस जवान भी बुरी तरह से घायल हो गए।

अफरा-तफरी का फायदा उठाकर भीड़ फरार
हमले के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का भरपूर फायदा उठाया गया। जब पुलिस जवान भीड़ से बचने और घायल अधिकारियों को संभालने में लगे थे, तभी उपद्रवियों ने पुलिस की गिरफ्त से जब्त किए गए दोनों डीजे छुड़ा लिए और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। यह पूरी घटना पुलिस के लिए एक बड़ी कानूनी और मनोवैज्ञानिक चुनौती बनकर सामने आई है, क्योंकि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गई टीम को ही निशाना बनाया गया।
घायल जवानों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
हमले के बाद कुछ स्थानीय लोगों और अन्य पुलिस जवानों की मदद से घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने घायल अधिकारियों और जवानों की जांच शुरू कर दी है। दारोगा अनिल पांडेय की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आई हैं।
अस्पताल में इलाज करवा रहे सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार पांडेय ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि महनार बाजार के मिडिल स्कूल के पास डीजे बज रहा था। प्रशासन के आदेशानुसार हमें उसे जब्त करने का आदेश मिला था। हमने डीजे जब्त कर लिया, तभी अचानक भारी संख्या में लोग वहां पहुंच गए। जब हमने मौके का वीडियो बनाना शुरू किया, तो लोग भड़क गए और उन्होंने हम पर हमला कर दिया। उन्होंने बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस टीम पर हमला करने वालों की पहचान की जा रही है और जल्द ही सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
इस घटना के बाद से पूरे महनार बाजार और आसपास के इलाके में तनावपूर्ण माहौल है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल इलाके में भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया है। पुलिस मौके पर लगे सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान में जुट गई है।
सूत्रों की मानें तो हमलावरों के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास), 332 (सरकारी कर्मचारी को नौकरी पर रुकने से रोकने के लिए हमला), 353 (सरकारी कर्मचारी पर हमला), 186 (कानूनी अधिकार का रोकना) और दंगा की अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही दर्जनों नामजद और अज्ञात उपद्रवियों की गिरफ्तारी होगी।






















