Bihar News: बिहार के अररिया जिले के जोगबनी स्थित भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर शुक्रवार को अचानक तनाव का माहौल बन गया। मुहर्रम के अवसर पर निकाले जा रहे पारंपरिक ताजिया जुलूस के दौरान सीमा पार से आए एक अन्य जुलूस को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं देने पर जमकर पथराव और लाठी-डंडे चले। इस घटना से मौके पर भयानक भगदड़ मच गई और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, तत्काल पहुंचे एसएसबी और स्थानीय पुलिस बल ने मौके पर संयम बरतते हुए स्थिति को त्वरित नियंत्रण में कर लिया।
घटना की शुरुआत और विवाद का कारण
बताया जा रहा है कि जोगबनी के चाणक्य चौक स्थित करबला मैदान में शुक्रवार को भारतीय क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों से ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से एकत्रित हो रहे थे। धार्मिक अनुष्ठानों के तहत ये जुलूस पूरी शांति से चल रहा था। इसी बीच, सीमा पार नेपाल के रानी (मटियरवा) क्षेत्र से भी एक बड़ा ताजिया जुलूस भारतीय सीमा की ओर बढ़ा।
नेपाल के रानी क्षेत्र से आए इस जुलूस का इरादा भारतीय सीमा में प्रवेश कर यहां के ताजियों के साथ जुड़ने और पारंपरिक अनुष्ठानों में शामिल होने का था। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने उन्हें भारतीय क्षेत्र में आने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। इस निर्णय के बाद ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और नेपाली पक्ष के लोगों में आक्रोश फूट पड़ा।
अचानक शुरू हुआ जमकर पथराव
पुलिस द्वारा सीमा में प्रवेश रोके जाने के तुरंत बाद ही नेपाली तरफ से अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। सीमा स्तंभ संख्या 179/02 के समीप स्थित चाणक्य चौक पर अचानक आसमान में उड़ने लगे पत्थरों ने शांतिपूर्ण माहौल को एक पल में युद्धभूमि में बदल दिया।
इस कथित पत्थरबाजी का जवाब देने के लिए भारतीय तरफ के कुछ उग्र लोग भी मैदान में उतर आए और दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले। भारी संख्या में लोगों के एकत्रित होने के कारण पथराव की आवाज़ सुनते ही वहां भयानक भगदड़ मच गई। लोग बचने के लिए एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे अफरा-तफरी और बढ़ गई।

दुकानों की तोड़फोड़ और घायलों की चर्चा
इस हिंसक झड़प में करबला मैदान और चाणक्य चौक के आसपास स्थित कई दुकानों को भारी नुकसान हुआ है। भीड़ के बीच चले पत्थरों की वजह से दुकानों के शीशे पूरी तरह से छिन्न-भिन्न हो गए और कई दुकानदारों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
स्थानीय लोगों की मानें तो इस पथराव और भगदड़ में कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। हालांकि, तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक चोट या घायल होने की पुष्टि करने से साफ इनकार कर दिया है।
संवेदनशील इलाकों में छावनी, अफवाहों पर रोक
पथराव के बाद बढ़े तनाव को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। भारत-नेपाल सीमा से सटे करबला मैदान, चाणक्य चौक और आसपास के सभी संवेदनशील इलाकों में एसएसबी और जिला पुलिस की भारी तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा बलों की टीमें लगातार इलाके में गश्त कर रही हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके।
इस बीच, सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की अफवाहें तेजी से फैलने लगी हैं। प्रशासन ने इस पर सख्ती से नजर रखते हुए आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट को शेयर करने वालों के खिलाफ साइबर सेल के जरिए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।






















