UP News: यूपी के अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यूपी पुलिस ने इस मामले में तेज़ी से कार्रवाई करते हुए टिन्नू यादव समेत सभी 8 आरोपियों के घरों पर आज एक साथ छापेमारी की है और इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से लगभग 79 लाख 85 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। साथ ही, आरोपियों के घरवालों के बयान दर्ज किए गए और प्रॉपर्टी की भी जांच की जा रही है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
अयोध्या पुलिस की छापेमारी—जांच प्रक्रिया जारी
बता दें कि अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों के घरों पर छापेमारी की है और इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और कमलेश पांडे जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी आरोपियों के घरों में तलाशी ली जा रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रॉपर्टी की जांच के साथ-साथ घर में मिले दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि मामले में कोई भी चूक नहीं होगी, ताकि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके।
चोरी की बरामद की गई संपत्ति
बता दें कि पुलिस को चढ़ावे की चोरी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। आरोपियों के घर से करीब 79 लाख 85 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई है। यह रकम चढ़ावे से संबंधित थी, जिसे कथित तौर पर गबन किया गया था। पुलिस का दावा है कि चढ़ावे की राशि किस तरह निकाली गई और कुल कितनी रकम का गबन हुआ है, इसकी जांच जारी है। आरोपियों के घर और दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला है कि चढ़ावे की गिनती में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का उल्लंघन किया गया था। सीसीटीवी फुटेज भी 180 दिनों के बजाय केवल 45 दिनों तक ही सुरक्षित रखे गए थे, जिससे मामले की गहराई से जांच में बाधा आई है।
ट्रस्ट में बदलाव व नए कदम
बता दें कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी भी चल रही है। ट्रस्ट के सदस्यों से सुझाव मांगे गए हैं, और 11 जुलाई को अयोध्या में होने वाली बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की मंजूरी के साथ ही ट्रस्ट के ढांचे में बदलाव किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट में नई नियुक्तियों का दौर शुरू हो सकता है, जिसमें सचिव, सीईओ, चार्टड एकाउंटेंट, पूर्व बैंक अधिकारी और प्रबंधन ग्रेजुएट्स जैसे प्रोफेशनल्स को जिम्मेदारी दी जाएगी। इन कदमों का उद्देश्य चढ़ावे की गिनती, मैनेजमेंट और हिसाब-किताब को पारदर्शी बनाना है।
बता दें कि प्रारंभिक जांच में कई खामियों का खुलासा हुआ है और जांच में पता चला है कि चढ़ावे की गिनती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती गई। गिनती कक्ष में प्रवेश और बाहर निकलने वाले कर्मचारियों की तलाशी नहीं ली गई, और सीसीटीवी फुटेज को निर्धारित समय से कम समय तक ही सुरक्षित रखा गया। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के पास कई हुंडियों की चाबियां थीं, जिनमें आए चढ़ावे की नकदी कथित रूप से निकाली गई। यह भी पता चला है कि गिनती के प्रभारी और आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की नियुक्ति विवाद में रही, जो ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों में से एक की सिफारिश पर हुई थी।






















