Home Minister Amit Shah: लोकसभा में ‘नक्सल मुक्त भारत’ पर चल रही चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नक्सलियों को लेकर शायद विपक्ष को दर्द होता हो, लेकिन उनकी सरकार के लिए देश सबसे पहले और सबसे जरूरी है। अमित शाह ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला करते हुए पूछा कि आखिर बस्तर को 1970 से लेकर मोदी सरकार आने तक विकास की बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं मिल पाईं?
अपने संबोधन की शुरुआत में अमित शाह ने स्पीकर का आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि 1970 से लेकर अब तक फैली इस नक्सली हिंसा की घटनाओं पर संसद में चर्चा होना राष्ट्रहित में बेहद जरूरी था।
‘लाल आतंक’ की वजह से रुका था बस्तर का विकास
गृह मंत्री ने बस्तर में विकास न होने की बुनियादी वजह को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास इसलिए नहीं रुका क्योंकि वहां पिछड़ेपन था, बल्कि विकास इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि वहां ‘लाल आतंक’ की परछाई छाई हुई थी। अब जैसे-जैसे यह परछाई हट रही है, बस्तर तेजी से विकसित हो रहा है।
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रेड कॉरिडोर के आंकड़े गिनाकर घेरा पिछले शासनों को
अमित शाह ने नक्सलवाद के दौरान हुए नुकसान का ऐतिहासिक आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि नक्सलियों ने देश के 12 राज्यों को रेड कॉरिडोर में तब्दील कर दिया और वहां कानून का शासन पूरी तरह समाप्त कर दिया। दशकों तक 12 करोड़ लोग गरीबी के अंधेरे में जीते रहे। इस दौरान दोनों तरफ से 20 हजार से अधिक युवाओं की जानें जाईं और कई दिव्यांग बन गए। आखिर इस जनसंहार के लिए कौन जिम्मेदार है?
बस्तर में अब स्कूल से लेकर अस्पताल तक की सुविधा
मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए अमित शाह ने कहा कि आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उन्होंने वहां चलाई जा रही विकास की मुहिमों का जिक्र करते हुए बताया कि बस्तर के हर एक गांव में स्कूल खोलने का अभियान चलाया गया। हर गांव में राशन की दुकान खोलने के लिए विशेष मुहिम शुरू की गई। हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए। लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड बांटे गए और अब उन्हें 5 किलोग्राम अनाज मिल रहा है।
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विपक्ष को सवालों के घेरे में लिया
संबोधन के अंत में अमित शाह ने विपक्ष की ‘नक्सलवाद की वकालत’ पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों से यह पूछना चाहता हूं जो यहां नक्सलवाद की वकालत कर रहे हैं, बस्तर के लोगों को ये लाभ 1970 से अब तक क्यों नहीं मिले?” उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ‘नक्सल-मुक्त भारत’ मोदी सरकार की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है और देश का कोई भी शोधकर्ता इस तथ्य को स्वीकार करेगा।



















