महिला आरक्षण पर बहस के बीच जानिए अमेरिकी कांग्रेस का सच

Women Reservation Bill:भारत की तरह अमेरिका में चुनावों में महिलाओं के लिए कोई कानूनी कोटा या आरक्षण प्रणाली बिल्कुल नहीं है। अमेरिकी संविधान में लिंग के आधार पर सीटों के बंटवारे का कोई प्रावधान ही नहीं किया गया है। वहां कोई 'टिकट बंटवारा' नहीं होता, बल्कि महिलाओं को पूरी तरह से खुली और प्रतिस्पर्धी लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

कोई 'कोटा' नहीं, फिर भी 154 महिलाएं कैसे पहुंचीं संसद तक? (फाइल फोटो)

HIGHLIGHTS

  • 'क्या अमेरिका में भी है महिला आरक्षण?'
  • भारत में बहस के बीच जानिए असली तस्वीर
  • अमेरिका ने महिला सशक्तिकरण के लिए अपनाया कौन सा फॉर्मूला?
  • अमेरिका में 154 महिलाएं सांसद, लेकिन इस रेस में डेमोक्रेट्स ने मारी बाजी!
  • अमेरिकी संसद में महिलाओं का 'बिना कोटे' का ऐतिहासिक सफर

Women Reservation Bill: भारत में लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक (महिला आरक्षण विधेयक) को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच, दुनिया भर के लोकतंत्रों की ओर लोगों का ध्यान तेजी से जा रहा है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में एक सवाल बार-बार उठ रहा है—आखिर दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र अमेरिका की संसद (कांग्रेस) में महिलाओं की संख्या कितनी है? क्या वहां भी भारत की तरह महिलाओं को सीटों का आरक्षण (Quota) दिया जाता है? आइए आपको अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था और महिला प्रतिनिधित्व की पूरी सच्चाई से रूबरू कराते हैं:

अमेरिकी कांग्रेस में कुल कितनी महिलाएं हैं?

अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों और वर्तमान प्रक्षेपणों के अनुसार, अमेरिकी कांग्रेस में कुल 154 महिलाएं सदस्य के तौर पर काम कर रही हैं। यह संख्या कांग्रेस की कुल 535 सीटों (100 सीनेट + 435 हाउस) का लगभग 28.8 प्रतिशत है। हालांकि, यह आंकड़ा दोनों सदनों में बराबर नहीं है।

  • हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचला सदन): यहां 128 महिलाएं सांसद हैं।
  • सीनेट (ऊपरी सदन): यहां सिर्फ 26 महिलाएं सीनेटर हैं।

ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि निचले सदन के मुकाबले ऊपरी सदन में महिलाओं की पहुंच अभी भी कम है।

क्या अमेरिका में भी है आरक्षण व्यवस्था?

सबसे जरूरी और स्पष्ट जवाब है—नहीं। भारत की तरह अमेरिका में चुनावों में महिलाओं के लिए कोई कानूनी कोटा या आरक्षण प्रणाली बिल्कुल नहीं है। अमेरिकी संविधान में लिंग के आधार पर सीटों के बंटवारे का कोई प्रावधान ही नहीं किया गया है। वहां कोई ‘टिकट बंटवारा’ नहीं होता, बल्कि महिलाओं को पूरी तरह से खुली और प्रतिस्पर्धी लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। पार्टियां उन्हें जीतने लायक उम्मीदवार मानती हैं, तभी टिकट देती हैं।

डेमोक्रेट्स बनाम रिपब्लिकन्स: किसकी बैग में ज्यादा महिलाएं?

अगर पार्टीवार गणित देखा जाए, तो अमेरिका में महिला सांसदों का एक बड़ा हिस्सा डेमोक्रेटिक पार्टी से आता है।

  • कुल 154 महिला सांसदों में से लगभग 110 डेमोक्रेट हैं।
  • वहीं, रिपब्लिकन पार्टी की ओर से सिर्फ करीब 40 महिलाएं कांग्रेस पहुंच पाई हैं।

इससे साफ है कि अमेरिकी राजनीति में एक खास विचारधारा वाले खेमे (लिबरल/डेमोक्रेट्स) ने महिला प्रतिनिधित्व को लेकर ज्यादा जोर दिया है।

बिना कोटे के इतनी तेजी से कैसे बढ़ी संख्या?

अमेरिकी राजनीति में महिलाओं की भागीदारी ने बिना किसी कानूनी आरक्षण के भी ऐतिहासिक उछाल लिया है। पिछले एक दशक (10 साल) में ही महिला सांसदों की संख्या में लगभग 44% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह सफर 1917 में शुरू हुआ था, जब जेनेट रैंकिन कांग्रेस में चुनी जाने वाली पहली महिला बनी थीं। तब से लेकर आज तक यह संख्या धीरे-धीरे, लेकिन लगातार बढ़ती गई है।

केवल संख्या नहीं, विविधता भी है खास

मौजूदा अमेरिकी कांग्रेस की खासियत सिर्फ इतनी नहीं है कि यहां 154 महिलाएं हैं, बल्कि इनमें ‘विविधता (Diversity)’ का भरपूर तत्व है। यहां सिर्फ सफेद बहुमत की महिलाएं ही नहीं, बल्कि अश्वेत (ब्लैक), हिस्पैनिक, एशियाई मूल की और अन्य समुदायों की महिलाओं का भी काफी अच्छा प्रतिनिधित्व है, जो अमेरिकी समाज के बदलते चेहरे की तस्वीर पेश करता है।

Sandhya Samay News

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