Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने आज मंगलवार को बाजार के दूसरे कारोबारी दिन अपने निवेशकों को निराश किया है। वीकली एक्सपायरी के कारण आए दबाव और वैश्विक बाजारों में मंदी के संकेतों के चलते घरेलू सूचकांकों में गिरावट देखी गई। बाजार का शुरुआत लाल निशान में हुई है, जिससे निवेशकों का मनोबल कुछ हद तक झुका हुआ है। इस दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही कमजोरी का प्रदर्शन किया है। इस गिरावट का मुख्य कारण वीकली एक्सपायरी के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में बिकवाली का दबाव माना जा रहा है।
सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत और बाजार का वर्तमान हाल
शुरुआती कारोबार में ही बाजार में गिरावट का संकेत था। बीएसई सेंसेक्स ने 58 अंक की गिरावट के साथ 77,649 के स्तर पर शुरुआत की। वहीं, एनएसई का निफ्टी भी 22 अंकों की कमजोरी के साथ 24,216 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इस गिरावट का असर सिर्फ सूचकांकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार की कुल बाजार पूंजी में भी कमी आई है। आज के दिन, घरेलू निवेशकों को करीब 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 482.30 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है, जो पिछले दिन यानी सोमवार को 482.70 लाख करोड़ रुपये था। इसका मतलब है कि बाजार में थोड़ा और बिकवाली का दौर चल रहा है।
सोमवार को भी बाजार में गिरावट का रुख रहा था, जब निफ्टी 96 अंकों की गिरावट के साथ 24,238 पर बंद हुआ था। इस तरह, दो दिनों में बाजार में गिरावट का सिलसिला बना हुआ है, जो निवेशकों के मनोबल को प्रभावित कर रहा है।
आज के कारोबार में टॉप-5 गेनर्स की बात करें तो टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट, आईसीआईसीआई बैंक और एचसीएल टेक ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इन कंपनियों के शेयर में मजबूती दिखाई दी है। दूसरी ओर, टॉप-5 लूजर कंपनियों में सनफार्मा, रिलायंस, एक्सिस बैंक, इटर्नल और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं। इन कंपनियों के शेयर में गिरावट देखने को मिली है, जिससे बाजार का समग्र माहौल कमजोर रहा है।
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
बाजार के सेक्टोरल इंडेक्स भी अपने-अपने प्रदर्शन के आधार पर अलग-अलग दिशा में गए हैं। निफ्टी के सूचकांकों में पीएसयू बैंक, मेटल, कमोडिटीज, पीएसई, एनर्जी, इन्फ्रा और ऑयल एंड गैस हरे निशान में रहे। इसके विपरीत, निफ्टी इंडिया डिफेंस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मा, मीडिया, हेल्थकेयर और रियल्टी जैसे सेक्टर्स लाल निशान में रहे। इस तरह से बाजार में व्यापक रूप से खरीदारी और बिक्री दोनों देखने को मिल रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी मिडकैप 100 140 अंकों या 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,945 पर बंद हुआ है, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 71 अंकों या 0.38 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,399 पर था।
अमेरिकी बाजारों का असर और वैश्विक संकेत
वैश्विक बाजारों का प्रभाव भी भारतीय बाजार पर पड़ा है। अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डाउ जोंस इंडेक्स 0.59 प्रतिशत गिरा, जबकि नैस्डैक मामूली 0.05 प्रतिशत कमजोर हुआ। वहीं, एशियाई बाजार भी अपने-अपने संकेतों के साथ हरे और लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। टोक्यो, शंघाई, जकार्ता और सोल जैसे प्रमुख बाजार हरे निशान में हैं, जबकि बैंकॉक और हांगकांग लाल निशान में हैं। यह ग्लोबल संकेत भारतीय बाजार के मनोबल को प्रभावित कर रहे हैं।
विदेशी निवेशकों की भूमिका
विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का सिलसिला भी जारी है। सोमवार को एफआईआई ने भारतीय बाजार से लगभग 1,121.04 करोड़ रुपये की इक्विटी निकाली है। वहीं, घरेलू निवेशक (डीआईआई) ने लगभग 1,312.03 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस तरह, विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है, जो आगे भी बाजार की दिशा तय कर सकती है।
विशेषज्ञों का मत और आगामी घटनाक्रम
विशेषज्ञों का मानना है कि अभी बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। निवेशक पहली तिमाही के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही, ईरान-अमेरिका युद्ध से जुड़े सभी अपडेट्स पर भी बाजार की नजरें लगी हुई हैं। यदि युद्ध के संबंध में कोई भी नया अपडेट आया, तो उसका बाजार पर प्रभाव हो सकता है। इसके अतिरिक्त, जुलाई की शुरुआत में विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बाद अब बिकवाली का दौर शुरू होना, बाजार में दबाव बढ़ा रहा है। निवेशकों को सतर्क रहने और बाजार के दिशा-निर्देशों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।


























