UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार को प्रशासनिक महकमे में बड़ा शलजघर किया है। प्रदेश के 9 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का मानना है कि यह बदलाव विभिन्न विभागों में लंबे समय से चल रही रिक्तियों को भरेगा और प्रशासनिक कामकाज को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाएगा। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में सबसे चर्चित बदलाव आईटी विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव का रहा। उन्हें अब प्रमुख सचिव, समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
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यहाँ देखें पूरी तबादला लिस्ट और नई जिम्मेदारियां:
- अनुराग यादव: प्रमुख सचिव (आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स) से हटाकर प्रमुख सचिव, समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग बनाया गया।
- आलोक कुमार तृतीय: प्रमुख सचिव, नियोजन और कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के साथ-साथ अब उन्हें प्रमुख सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
- एम. देवराज: प्रमुख सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अपने पद के साथ ही अब महानिदेशक, उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी (उपाम) का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।
- सौरभ बाबू: प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग के साथ महानिदेशक, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
- रवि रंजन: UP इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड और यूपी एग्रो के प्रबंध निदेशक पद से हटाकर उन्हें विशेष सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में भेजा गया है।
- टी.के. शिबु: विशेष सचिव, एपीसी शाखा के वर्तमान पद के साथ प्रबंध निदेशक, यूपी एग्रो का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- हिमांशु कौशिक (प्रतीक्षारत): इन्हें प्रबंध निदेशक, यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है।
- सौम्या गुरुरानी (प्रतीक्षारत): इन्हें नगर आयुक्त, शाहजहांपुर के पद पर नियुक्त किया गया है।
- डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा: शाहजहांपुर के नगर आयुक्त पद से हटाकर उन्हें अपर प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) का पद दिया गया है।
सरकार का क्या है इशारा?
प्रदेश सरकार द्वारा जारी इन तबादला आदेशों को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकार अब अगले चरण की तैयारियों में जुट गई है और इन तबादलों के जरिए ‘विकास और लोक कल्याण’ के अजेंडे को तेजी से निष्पादित करने की कोशिश की जा रही है। खासकर समाज कल्याण और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभागों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से सरकार के कामकाज में और तेजी आने की उम्मीद है।





















