Noida News: नोएडा—ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे गांवों और सेक्टरों में ई-सिटी बस सेवा का विस्तार अत्यंत आवश्यक और समय की मांग है। ग्राम विकास संगठन नोएडा के नेतृत्व में लगातार हो रही माँग के बावजूद अभी तक इन गांवों और सेक्टरों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है, जो स्थानीय निवासियों के साथ नाइंसाफी और भेदभाव का प्रतीक है। यह मामला केवल यातायात की सुविधा का नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास, सुविधा और समानता का भी मुद्दा है। आइए, इस विषय पर विस्तार से चर्चा करें।
ग्राम विकास संगठन का प्रयास और ज्ञापन
ग्राम विकास संगठन नोएडा के संयोजक डीपी चौहान ने इस विषय को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सेक्टर 6 नोएडा में जाकर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात की और अपने विचार एवं माँगों का ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समीप बसे हुए गाँवों और सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा से जोड़ा जाना चाहिए। इन क्षेत्रों के निवासी वर्षों से यातायात सुविधाओं की अपेक्षा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इनको इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
गांवों और सेक्टरों की स्थिति
ग्राम विकास संगठन के मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने अपने ज्ञापन में बताया कि जिन गांवों एवं सेक्टरों को अभी तक ई-सिटी बस सेवा से वंचित रखा गया है, उनमें रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर, गढ़ी शाहपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, सुलतानपुर, नंगली शाखपुर, नंगली नंगला, नंगली वाजिदपुर, छपरौली, दोस्तपुर मंगरौली, याकूबपुर, दल्लूपुरा, मोहियापुर, गुलावली, झट्टा, बादोली, कामबक्सपुर, कोंडली, गढ़ी समस्तीपुर जैसी अनेक गांव शामिल हैं। इसके साथ ही सेक्टर 126 से 135 और 168 से 151 तक के सेक्टर भी इस सुविधा से वंचित हैं। गौरतलब है कि इन गांवों और सेक्टरों का क्षेत्र नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आता है, जहां पर पहले ही यातायात और विकास से जुड़ी कई योजनाएं लागू की गई हैं।
समस्या का मुख्य कारण
पिछले दस वर्षों से ये ग्रामीण अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वे विभिन्न ग्राम चौपालों, बैठकों और कार्यक्रमों में बार-बार अपनी माँग उठा चुके हैं। बावजूद इसके, इन गांवों को अभी तक ई-सिटी बस सेवा का लाभ नहीं मिल पाया है। जबकि, नोएडा शहर के अन्य क्षेत्रों में यह सेवा शुरू हो चुकी है। इससे स्पष्ट है कि इन गांवों के रेज़ीड़ेंट के साथ भेदभाव किया जा रहा है। यह नाइंसाफी केवल यातायात का मामला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय समानता, सामाजिक न्याय और विकास का प्रश्न है।
ग्रामीणों की माँग
ग्राम विकास संगठन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सभी गांवों और सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा में शामिल किया जाना चाहिए। इससे न केवल ग्रामीणों का जीवन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। यदि इन क्षेत्रों को इस सेवा से जोड़ा जाएगा, तो यातायात की समस्या का समाधान होगा, क्षेत्र का संपर्क मजबूत होगा और ग्रामीण-शहरी जीवन के बीच की दूरी कम होगी।
अधिकारियों का सकारात्मक कदम
ग्राम संगठन की माँग को ध्यान में रखते हुए, नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी अरविंद कुमार सिंह और क्रांति शेखर ने संज्ञान लिया है। उन्होंने तुरंत ही इस समस्या को गंभीरता से लिया और महाप्रबंधक सिविल एसपी सिंह को पत्र भेजकर इन गांवों व सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा में शामिल करने का निर्देश दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि प्रशासन इस मामले को सकारात्मक दृष्टिकोण से देख रहा है और जल्द ही उचित कदम उठाएगा।
अब आवश्यक है कि इन गांवों और सेक्टरों को वास्तविकता में यातायात सुविधा मिल सके। इसके लिए, संबंधित अधिकारी जल्द से जल्द इन क्षेत्रों के लिए विशेष रूट निर्धारित करें, ताकि ग्रामीणों को शहर से जोड़ने वाली यह सुविधा प्रभावी रूप से चालू हो सके। इसके अलावा, स्थानीय लोगों की लगातार जागरूकता और मूलभूत अधिकारों के प्रति जागरूकता आवश्यक है।






















