Delhi News: दिल्ली में रामलीला का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व अत्यंत है। इस वर्ष भी रामलीला की परंपरा को कायम रखते हुए, विभिन्न रामलीला समितियों और आयोजकों ने अपने-अपने क्षेत्र में रामलीला मंचनों की व्यवस्था की है। इस संदर्भ में, राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें समिति प्रतिनिधियों, सरकार के अधिकारियों, सांसदों और अन्य संबंधित पक्षों ने भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य रामलीला आयोजनों में आने वाली समस्याओं का समाधान निकालना और इन समारोहों को और अधिक सफल एवं सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाना था।
बैठक कनस्टिट्यूशन क्लब में आयोजित
यह बैठक नई दिल्ली के कनस्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अर्जुन कुमार ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रामलीला समितियों के बीच आपसी संवाद स्थापित करना, समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए समुचित कदम उठाना था। बैठक में सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने-अपने क्षेत्रों में हो रही बाधाओं एवं आवश्यकताओं को साझा किया।
बैठक में विशेष ध्यान दिया गया कि पिछले वर्ष दिल्ली सरकार ने रामलीला समितियों को 1200 यूनिट निःशुल्क बिजली प्रदान की थी, जिसके लिए सभी ने सरकार का धन्यवाद किया। इस बार भी, समिति प्रतिनिधियों ने सरकार से आग्रह किया कि इस परंपरा को जारी रखा जाए। उन्होंने कहा कि रामलीलाओं के आयोजन के दौरान बिजली की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, ताकि मंचन सुगमता से हो सके।
अर्जुन कुमार ने कहा कि यदि संभव हो, तो इस वर्ष भी दिल्ली सरकार द्वारा समितियों को निःशुल्क बिजली प्रदान की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण अपने ग्राउंड 45 दिनों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराए, जिससे आयोजन स्थल की अधिकतम सहायता हो सके।
आयोजन स्थल का नामकरण और आयोजन का समय
महासंघ के महामंत्री सुभाष गोयल ने प्रस्तावित किया कि दिल्ली में जिन मैदानों में रामलीला मंचन होते हैं, उन सभी का नाम ‘उत्सव स्थल (रामलीला)’ या ‘रामलीला मैदान’ नामकरण किया जाए। इससे आयोजन की गरिमा और पहचान बढ़ेगी। इस वर्ष रामलीला महोत्सव का आयोजन 11 से 21 अक्तूबर 2026 तक किया जाएगा, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे। इस दौरान, रामलीला की परंपरा का पालन करते हुए विभिन्न मंचनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
इस बैठक में राजनीतिक नेताओं और सांसदों ने भी भाग लिया और अपने समर्थन की आश्वासन दिया। भाजपा दिल्ली प्रदेश के नव नियुक्त अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि रामलीला के आयोजन में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि रामलीला आयोजनों से पहले ही सभी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। सांसद प्रवीण खण्डेलवाल ने कहा कि पिछले वर्ष भी सांसदों ने इन लीलाओं के लिए प्रयास किए थे, और इस वर्ष भी मिलकर इन समस्याओं का हल निकालेंगे।
सांसद रामवीर सिंह बिधूडी ने कहा कि रामलीला हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और इन आयोजनों में होने वाली बाधाओं को सरकार एवं संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर दूर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे गृहमंत्री अमित शाह तथा दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से मिलकर इन समस्याओं का समाधान करवाएंगे।
सांसद मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं ने भी अपने समर्थन की बात कही और आश्वासन दिया कि केंद्र, दिल्ली सरकार और स्थानीय निकाय मिलकर इन लीलाओं की समस्याओं का निराकरण करेंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी यह भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार इन कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए हर संभव सहायता करेगी।
कार्यक्रम का व्यापक समर्थन और सांस्कृतिक संरक्षण
इस अवसर पर आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) दिल्ली के संघचालक डॉ. अनिल अग्रवाल, विभिन्न रामलीला समितियों के पदाधिकारी और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि रामलीला हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और इसे सुरक्षित एवं समृद्ध बनाने के लिए सभी मिलकर प्रयास करेंगे। रामलीला समितियों ने अपने-अपने विचार रखे और अपनी आवश्यकताओं एवं समस्याओं का समाधान करने की इच्छा व्यक्त की।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष रामलीलाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार और संबंधित विभाग विशेष प्रयास करेंगे। इसमें मुख्य रूप से बिजली की व्यवस्था, आयोजन स्थलों का नामकरण, सुरक्षा व्यवस्था, और मंचन की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही, समिति प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि रामलीला स्थल पर सुरक्षा एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।






















