दिल्ली की राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला। इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी ने सत्तारूढ़ भाजपा में अपना विलय कर लिया। पार्टी के कुल 16 पार्षद अब भाजपा का हिस्सा बन गए हैं। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में सभी पार्षदों को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
इस घटनाक्रम को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की राजनीति में भाजपा के लिए महत्वपूर्ण बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का गठन आप पार्टी से अलग हुए पार्षदों द्वारा किया गया था। अब इन सभी नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद दिल्ली की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
आप से अलग होकर बनाई थी नई पार्टी
इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के संयोजक मुकेश कुमार गोयल ने भाजपा में शामिल होने के बाद अपने फैसले के पीछे की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि वे सभी पार्षद वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर नगर निगम चुनाव जीतकर आए थे। उस समय दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी को सत्ता मिली थी और दिल्ली सरकार भी आप के नेतृत्व में थी।
मुकेश गोयल के मुताबिक, पार्षदों को उम्मीद थी कि निगम क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त सहयोग और बजट उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन लंबे समय तक ऐसा नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षदों की मांगों और क्षेत्रीय समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया, जिससे कई पार्षदों में नाराजगी बढ़ती गई।
उन्होंने कहा कि लगातार उपेक्षा महसूस होने के बाद कई पार्षदों ने आम आदमी पार्टी से अलग होने का फैसला लिया। इसके बाद 16 पार्षदों के साथ मिलकर इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का गठन किया गया।
भाजपा सरकार के काम से प्रभावित होने का दावा
मुकेश गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार की कार्यशैली और विकास कार्यों को देखते हुए उन्होंने भाजपा के साथ जाने का निर्णय लिया। उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से अब पार्षदों के क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर सकारात्मक सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलना और विकास कार्यों को गति मिलना उनके लिए अहम कारण रहा। इसी वजह से सभी पार्षदों ने सामूहिक रूप से भाजपा में शामिल होने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
भाजपा में शामिल होने का कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी से आए पार्षदों का स्वागत किया और उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
भाजपा नेताओं ने इसे पार्टी के विस्तार और दिल्ली नगर निगम में संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया। वहीं, शामिल हुए पार्षदों ने भी पार्टी नेतृत्व के प्रति विश्वास जताया।
ये 16 पार्षद है जो कि इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के विलय के बाद भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों की सूची इस प्रकार है मुकेश कुमार गोयल, हेमचंद गोयल, देवेंद्र कुमार, उषा शर्मा, दिनेश कुमार, सुमन अनिल राणा, मनीषा जसबीर कालरा बॉबी, रुणाक्षी शर्मा, राजेश के. लाड़ी, साहिब कुमार, राखी यादव, कमल भारद्वाज, लीना कुमार, हिमानी जैन, अशोक पांडेय हुए भाजपा में शामिल है।
एमसीडी की राजनीति पर पड़ेगा असर
दिल्ली नगर निगम की राजनीति में पार्षदों की भूमिका काफी अहम मानी जाती है। ऐसे में 16 पार्षदों का एक साथ भाजपा में शामिल होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे निगम में भाजपा की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्थानीय निकायों में संख्या बल बढ़ना किसी भी पार्टी के लिए संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर फायदेमंद साबित होता है। आने वाले समय में इस बदलाव का असर एमसीडी की समितियों और स्थानीय स्तर के फैसलों पर भी दिखाई दे सकता है।






















