संध्या समय न्यूज
उत्तर प्रदेश के बस्ती और गोंडा जिले से जुड़ी एक ऐसी घटना सामने आई है, जो इंसानियत को शर्मसार कर देती है। यहां दो ऐसी मासूम बच्चियां मां बनी हैं, जिन्हें अभी ‘मां’ शब्द का अर्थ और जिम्मेदारी समझने की उम्र भी नहीं थी। एक की उम्र 13 साल और दूसरी की 14 साल है। बरेली स्थित अस्पताल के गलियारों में जब इन नाबालिगों की डिलीवरी हुई, तो वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप गई। यह सिर्फ दो बच्चों का जन्म नहीं है, बल्कि दो बचपनों की सामूहिक हत्या की दास्तां है।
पड़ोसी ने बनाया शिकार
पहले मामले में पीड़िता बस्ती जिले के नगर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। आरोप है कि गांव के ही एक शख्स संजय ने बच्ची को जबरन खेत में ले जाकर रेप किया। इस घिनौने अपराध की जानकारी तब हुई जब पीड़िता को 6 माह का गर्भ ठहर गया। परिजनों को इसकी भनक लगते ही उन्होंने आनन-फानन में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी संजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस बहादुर बेटी ने समाज के तानों को दरकिनार करते हुए और भविष्य की चिंता किए बिना बच्चे को जन्म दिया।
भाई का किया अत्याचार, दूसरी पीड़िता का आंखों में आंसू
दूसरा मामला गोंडा जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र का है, जो और भी शर्मनाक है। यहां एक 14 वर्षीय मुस्लिम बच्ची के साथ किसी अजनबी ने नहीं, बल्कि उसके ही सगे भाई ने बलात्कार किया। आरोपी युवक पीड़िता के साथ ही एक घर में रहता था और उसने इसी बात का फायदा उठाकर अपनी बहन की मासूमियत पर गहरा धब्बा लगाया। इस मामले में भी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
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इन दोनों नाबालिग पीड़िताओं को इलाज के लिए बरेली के अस्पताल लाया गया, जहां उन्होंने दो बच्चों को जन्म दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दोनों जच्चा और बच्चा सुरक्षित और स्वस्थ हैं। हालांकि, इन बच्चियों के चेहरे पर उस खुशी की चमक नहीं है, जो आमतौर पर एक मां के चेहरे पर होती है। यह घटना समाज के घटते मूल्यों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
















