Maharashtra News: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों तीव्र राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल रहा है। शिवसेना सांसद और वरिष्ठ नेता संजय राउत ने एक बार फिर से अपने आरोपों और दावों से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल और कुछ विशेष मीटिंग्स को लेकर अपने तीखे विचार व्यक्त किए हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन और नेहरू, पटेल, आंबेडकर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की तुलना में वर्तमान राजनीति की स्थिति पर भी अपनी राय रखी है।
संजय राउत का बड़ा दावा
संजय राउत ने खुलासा किया है कि उन्हें हाल ही में एक ऐसी तस्वीर प्राप्त हुई है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और शिक्षाविद् अभिजीत दीपके के बीच अमेरिका में बैठक हुई है। राउत ने कहा कि अभी-अभी किसी ने मुझे यह फोटो भेजा है, जिसमें मोदीजी और दीपके के बीच अमेरिका में मुलाकात हो रही है। उसके बाद से ही यह बात चर्चा में है कि दीपके यहां आया है। मैं इसकी सही जानकारी लेने की कोशिश कर रहा हूं। मैं आरोप नहीं लगा रहा हूं, बस इतना है कि लोगों ने मुझे जानकारी दी है। राउत का यह दावा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कॉकरोच जनता पार्टी और राजनीतिक लड़ाई
राउत ने पुणे में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलन से कुछ नहीं होगा। यह छोटी-मोटी बातें हैं। असली लड़ाई तो राजनीतिक दलों के बीच है और वे बहुत सक्षम हैं। ऐसी छोटी-मोटी बातों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। राउत का यह बयान उस समय आया है जब विपक्षी दल और कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस आंदोलन को लेकर चर्चा कर रहे हैं। राउत का मानना है कि ऐसी गतिविधियों का कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा और सत्ता की राजनीति अपने रास्ते पर ही रहेगी।
कांग्रेस के प्रदर्शन और नेहरू-पटेल-आंबेडकर की तुलना
संजय राउत ने कांग्रेस पार्टी के नीट पेपर लीक के मामले में देशभर में किए गए प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया, लेकिन यह असली मुद्दा नहीं है। असली मुद्दा तो देश के विकास का है। सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर देश के हित में काम करना चाहिए।
राउत ने साथ ही स्वतंत्रता संग्राम के महान नेताओं पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि नेहरू महान स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका इतना बड़ा बलिदान है कि उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। उनके जीवन और त्याग का कोई मुकाबला नहीं है। उनका योगदान अनमोल है।
उन्होंने नेहरू के बाद आए प्रधानमंत्रियों का भी जिक्र किया। राउत का तर्क है कि नेहरू का कार्यकाल उनके समर्पण और बलिदान का प्रतीक है, और उनके कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ा नहीं जा सकता।
मोदी का कार्यकाल और उसकी समीक्षा
संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 साल का कार्यकाल पूरा किया है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम नेहरू जैसे महापुरुष का सम्मान कम करें। नेहरू का योगदान अद्वितीय है। मोदीजी का कार्यकाल अच्छा है, लेकिन नेहरू जैसी महान शख्सियत की बराबरी नहीं की जा सकती।” राउत ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं, लेकिन उनके कार्यकाल की तुलना नेहरू के साथ करना सही नहीं है।
मोदी बनाम नेहरू: इतिहास और सम्मान
संजय राउत ने कहा कि नेहरू का रिकॉर्ड न तोड़ा जा सकता है और न ही तोड़ना चाहिए। उनका योगदान अमूल्य है। मैं यह मानता हूं कि नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में अच्छा काम किया है, लेकिन नेहरू का स्थान अलग है। नेहरू ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा देश की आजादी के लिए संघर्ष में बिताया। उनका बलिदान और त्याग अतुलनीय है।

संजय राउत ने यह भी कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर का योगदान भी अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल को देश का पहला गृहमंत्री माना जाता है। उनके कार्यकाल और योगदान को हम कभी भुला नहीं सकते। आंबेडकर ने संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाई। इन नेताओं का सम्मान और उनका योगदान देश के स्वतंत्रता संग्राम और विकास में अनमोल है।”
राउत ने कहा, “2014 से 2019 तक नरेंद्र मोदी निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे। उसके बाद देश में जो भी चुनाव हुए, वे हाईजेक हुए। चुनाव लड़े गए, लेकिन उन्हें भी हाईजेक किया गया। यह राजनीति का एक काला अध्याय है। हमें चाहिए कि हम अपनी लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करें और देश की एकता को बनाए रखें।






















