महाराष्ट्र विधानसभा में राज्य के होटल, रेस्टोरेंट और बार्स में चल रहे ऑर्केस्ट्रा और लाइव म्यूजिक के नाम पर होने वाली अश्लीलता पर लगाम कसने के लिए एक ऐतिहासिक और सख्त कानूनी संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण) पंकज भोयर द्वारा पेश किया गया यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है। इस नए संशोधन का मूल उद्देश्य महिलाओं की गरिमा की रक्षा करना और मनोरंजन के नाम पर संचालित होने वाले अवैध और अश्लील कार्यक्रमों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
कानून के तहत अब जारी होंगे लाइसेंस
इससे पहले जो व्यवस्था थी, उसके तहत होटलों और रेस्टोरेंट्स में लाइव म्यूजिक या ऑर्केस्ट्रा चलाने के लिए ‘महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम’ के तहत अनुमति ली जाती थी। लेकिन अनुभव से यह बात सामने आई कि पुलिस अधिनियम के तहत मिलने वाले लाइसेंस का इस्तेमाल कई जगहों पर सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया था।
नए संशोधन के बाद, अब यह लाइसेंस सीधे वर्ष 2016 में बने उस विशेष कानून के अंतर्गत दिए जाएंगे, जिसका नाम ‘महाराष्ट्र में होटल, रेस्टोरेंट और बार में अश्लील नृत्य पर रोक और महिलाओं की गरिमा के संरक्षण अधिनियम’ है।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लाइसेंस देने और उसकी निगरानी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही सीधे तय हो सकेगी। किसी भी तरह की शिकायत पर पुलिस अधिनियम की जगह इस विशेष कानून की धाराओं का इस्तेमाल करके तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे नियम-विरुद्ध गतिविधियों को चलाने वालों पर बेहतर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
‘थ्री-स्ट्राइक रूल’: तीन बार उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द
इस संशोधन की सबसे कड़ी धारा यह है, जिसे ‘थ्री-स्ट्राइक रूल’ का नाम दिया जा सकता है। सरकार ने साफ तौर पर तय कर दिया है कि जो भी प्रतिष्ठान अश्लीलता फैलाने के खिलाफ बनाए गए नियमों को तोड़ेगा, उसे तीन मौके दिए जाएंगे। पहला उल्लंघन इसमें प्रतिष्ठान को भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और नोटिस जारी किया जाएगा। दूसरा उल्लंघन यदि दोबारा गलती की गई, तो लाइसेंस को अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है। तीसरा उल्लंघन तीसरी बार नियम तोड़ने पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, अगर किसी बार या होटल में अश्लील डांस कराने का मामला साबित होता है, तो उसके मालिक और प्रबंधकों के खिलाफ गैर-जमानतीधाराओं के तहत भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इस कदम से सरकार का इरादा उन लोगों को सीधा संदेश देना है जो ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रमों के जरिए गलत कामों को अंजाम देते हैं।
विधानसभा में विपक्ष ने उठाई पुलिस-प्रशासन पर सवालिया निशान
जब कोई भी कानून बनता है, तो उसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल जरूर उठते हैं। विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक नाना पटोले ने सरकार के इरादों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने सदन में एक बेहद गंभीर पहलू को उठाया। नाना पटोले ने कहा कि महाराष्ट्र में कोी भी अवैध डांस बार या अश्लील ऑर्केस्ट्रा बिना स्थानीय पुलिस और प्रशासन के ‘संरक्षण’ के एक रात भी नहीं चल सकता। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या सिर्फ कानून बनाने से ही समस्या का हल निकल आएगा?
पटोले ने मांग उठाई कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि किसी इलाके में अवैध डांस बार चलता पाया गया, तो उस क्षेत्र के थानेदार या संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? उन्होंने अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। उनका मानना था कि जब तक नीचे तक का भ्रष्टाचार और मिलीभगत खत्म नहीं होगा, तब तक ऊपर से बनाए गए कानून केवल कागज के तीर बनकर रह जाएंगे।

विधानसभा में भाजपा विधायक संजय केलकर ने एक और बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा छेड़ा। उन्होंने ध्यान दिलाया कि अब अश्लीलता सिर्फ शहरों के बारों तक सीमित नहीं रही है। महाराष्ट्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयोजित होने वाले निजी पार्टियों और इवेंट्स में भी अश्लील डांस कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
केलकर ने यह भी आरोप लगाया कि इन नाइट पार्टियों और ऑर्केस्ट्रा शो के आड़ में नशीले पदार्थों (Drugs) का खुलेआम इस्तेमाल और कारोबार हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पर्यटन स्थलों पर इस तरह की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए और नशा तस्करी व अश्लीलता दोनों पर एक साथ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन के नाम पर जो बदनामी हो रही है, उसे रोकना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
विपक्ष की तमाम आलोचनाओं और सुझावों के बाद, गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी तरह की संलिप्तता या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संशोधित कानून के तहत नियम तोड़ने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।






















