महाराष्ट्र के ठाणे जिले, विशेषकर मीरा-भाईंदर शहर में सोमवार को मानसून ने अपने तेवर दिखाए। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज गति से चल रही आंधी-पवन ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। बारिश के इस कहर ने कई जगराते हादसों को जन्म दिया, जिसमें सबसे चौंकाने वाली घटना एक निर्माणाधीन इमारत की 24वीं मंजिल से भारी सीमेंट ब्लॉक के नीचे गिरने की है। इसके अलावा, रास्तों पर पेड़ गिरने और एक ट्रक पलटने की घटनाओं ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया।
24वीं मंजिल से गिरा भारी सीमेंट ब्लॉक, 4 लोग घायल
मीरा गांवठन (काशीमीरा) इलाके में स्थित ‘विघ्नहर्ता’ नामक एक बहुमंजिला इमारत वर्तमान में निर्माणाधीन है। तेज हवाओं और बारिश के कारण इस इमारत की 24वीं मंजिल पर रखा गया एक विशाल सीमेंट पेवर ब्लॉक अचानक अपना संतुलन खो बैठा और सीधे नीचे गिर गया। यह ब्लॉक इमारत के बगल में स्थित ‘श्री हरिधाम वेलफेयर सोसायटी’ की चॉल की छत को तोड़ते हुए अंदर जा गिरा।
इस दौरान चॉल में रहने वाले लोग गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक हुए इस भयानक हादसे के कारण उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिला। मलबे के नीचे दबने से 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान प्रियंका सतीश चौबे, सतीश चौबे, धर्मेंद्र सोनी और संतोष जाधव के रूप में हुई है।
अस्पतालों में चल रहा उपचार, हालत स्थिर
हादसे के तुरंत बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्रियंका चौबे को ऑर्बिट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी तीन घायलों का इलाज पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक, फिलहाल सभी घायलों की स्वास्थ्य स्थिति खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने उनके मन में गहरा भय पैदा कर दिया है।
बिल्डर की लापरवाही पर उठे सवाल
इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। नागरिकों का कहना है कि मानसून के मौसम में ऊंची इमारतों पर निर्माण सामग्री को सुरक्षित तरीके से बांधने के कड़े नियम होते हैं, जिसका बिल्डर और ठेकेदारों द्वारा पालन नहीं किया जाता। लोगों ने प्रशासन से जिम्मेदार बिल्डर के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। घटनास्थल पर काशीमीरा पुलिस और स्थानीय नगर निकाय के अधिकारी पहुंचकर पंचनामा लेने में जुट गए हैं और लापरवाही के स्तर की जांच शुरू की गई है।
पेड़ गिरने से यातायात व्यवस्था चकनाचूर
इधर, बारिश और तेज हवाओं ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में पेड़ों को उखाड़ फेंका। भाईंदर पूर्व क्षेत्र के गोडदेव गांव के सामने स्थित मुख्य मार्ग पर एक विशाल पेड़ अचानक धड़ाम से गिर गया। यह रास्ता स्टेशन जाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। पेड़ गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई, जिससे दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों को स्टेशन पैदल ही जाना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद अग्निशमन दल (फायर ब्रिगेड) की टीम ने पेड़ को काटकर सड़क को ब्लॉक मुक्त कराया।
घोड़बंदर रोड पर ट्रक पलटने से भारी जाम
लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कें चिकनी हो गईं। ठाणे-घोड़बंदर रोड (जो मुंबई-अहमदाबाद हाईवे का हिस्सा है) पर एक आयशर कंपनी का भारी ट्रक असंतुलित होकर सड़क पर पलट गया। ट्रक पलटने के कारण इस व्यस्ततम रूट पर यातायात का पहिया थम गया। काशीमीरा ट्रैफिक पुलिस और काशीगांव पुलिस स्टेशन की टीमें मौके पर पहुंचीं। क्रेन की मदद से काफी देर बाद ट्रक को सड़क से हटाया जा सका, जिसके बाद वाहनों की रफ्तार कुछ हद तक सामान्य हो पाई।
प्रशासन की अपील, सावधानी बरतें
ठाणे और मीरा-भाईंदर प्रशासन ने नागरिकों से खास अपील की है कि जब तक बारिश का दौर जारी है, बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें। साथ ही, निर्माणाधीन इमारतों के पास और पुराने पेड़ों के नीचे खड़े होने से पूरी तरह बचें। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में और तेज बारिश की चेतावनी दी है, जिसे देखते हुए नगर निकाय और आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर हैं।























