Greater Noida News: यूपी के ग्रेटर नोएडा को एक विश्व स्तरीय शहर के रूप में विकसित किए जाने के सपने देखे जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। बदहाल बुनियादी ढांचा और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण यहां के व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी रोष है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मेधा रूपम से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की गंभीर समस्याओं के निवारण हेतु एक विस्तृत मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
CUG नंबर बंद होने पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन ने शहर की बिगड़ती व्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सीधे तौर पर जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि शहर की सड़कें जगह-जगह से टूटी हुई हैं और बुनियादी ढांचा पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। विकास जैन ने तंग करते हुए कहा कि जब जिम्मेदार अधिकारियों के सीयूजी (CUG) नंबर ही महीनों भर बंद रहेंगे, तो व्यापारी अपनी व्यथा किसे सुनाए? व्यवस्थाओं के नाम पर जनता और व्यापारी वर्ग को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों तक पहुंचने में असमर्थता से न केवल समस्याएं बढ़ रही हैं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी भी चौड़ी होती जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने रखी ये प्रमुख मांगें
मांग पत्र के माध्यम से यूपी युवा व्यापार मंडल ने तीन बड़े मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, जिन्हें तत्काल समाधान की जरूरत है:
- बारिश से पहले गड्ढा मुक्त सड़कें: मानसून का समय नजदीक है और अगर सड़कें इसी हालत में रहीं, तो इन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बेहद भयावह हो जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने साइट-4, सेक्टर 115, सेक्टर 49 और बरौला क्षेत्र की सड़कों को तत्काल गड्ढा मुक्त कराने की मांग उठाई।
- सोसाइटियों में बिजली बिल पर अतिरिक्त जीएसटी हटाने की मांग: व्यापारियों ने रिहायशी सोसाइटियों में बिजली बिल पर लग रहे अतिरिक्त जीएसटी (GST) को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों पर दोहरा आर्थिक बोझ डाल रहा है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
- पीजी (PG) एकॉमोडेशन पर रिहायशी दरें लागू करना: शहर में बढ़ते पीजी और हॉस्टल व्यवसाय को लेकर मंडल ने मांग की कि पीजी (Paying Guest) पर व्यावसायिक दरों के बजाय रिहायशी बिजली दरें लागू की जाएं। इससे छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी और किराये में बढ़ोतरी जैसी समस्या पर भी अंकुश लगेगा।
जिलाधिकारी ने दिया बड़ा आश्वासन
व्यापारियों की इन गंभीर समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों और सक्रियता की जमकर सराहना की। डीएम ने कहा कि आप जैसा सक्रिय और जागरूक संगठन जिस भी शहर में होगा, वहां की तरक्की कोई नहीं रोक सकता। आपका मंडल बधाई का पात्र है और प्रशासन हमेशा ऐसे रचनात्मक सुझावों का स्वागत करता है।
सबसे बड़ी राहत की बात तब सामने आई जब जिलाधिकारी ने व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एक नई पहल का एलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन जल्द ही एक विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। इस पहल के तहत, किसी भी निर्धारित दिन व्यापारियों और संबंधित विभागों के आला अधिकारियों को एक साथ एक ही टेबल पर बिठाया जाएगा। इस ‘ऑन-द-स्पॉट’ समाधान वाले प्लेटफॉर्म में आमने-सामने बैठकर हर एक समस्या का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। इससे फाइलों के चक्कर और विभागों के बीच टरकाबाजी खत्म होगी।
इस अवसर पर रही गणमान्य उपस्थिति
यह बैठक क्षेत्र के व्यापारियों की एकता और समस्याओं के प्रति गंभीरता को दर्शाती है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में चेयरमैन नवनीत गुप्ता, ग्रेटर नोएडा अध्यक्ष सचिन गोयल, प्रदेश उपाध्यक्ष निखिल अग्रवाल, अंकुर बंसल, दादरी अध्यक्ष मनोज गोयल, पवन बंसल, मनोज भाटी, अंशुमन नागर और सबरवाल जी सहित मंडल के कई अन्य प्रमुख व्यापारी नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।






















