संध्या समय न्यूज
पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर में हुए सनसनीखेज तरुण हत्याकांड से जुड़ा एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। आरोपी परिवार की मदद के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए करीब 37 लाख रुपये जुटाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है और जांच शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो और QR कोड के जरिए जुटाए पैसे
बताया जा रहा है कि 10 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक महिला का इंटरव्यू वायरल किया गया। यह महिला तरुण हत्याकांड के आरोपी परिवार की रिश्तेदार बताई जा रही है। वीडियो में महिला बेबसी जाहिर करते हुए दावा कर रही थी कि उनकी कोई गलती नहीं है और उनका घर न तोड़ा जाए। इंटरव्यू अपलोड करने वाले व्यक्ति ने वीडियो के साथ एक QR कोड लगाकर लोगों से आर्थिक मदद की अपील की। इस अपील का असर हुआ और कम समय में ही इस QR कोड के जरिए करीब 37 लाख रुपये उस बैंक खाते में जमा हो गए। हालांकि, इस बीच सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई तरह के भ्रामक नैरेटिव फैलने लगे, जिसके बाद पुलिस ने संज्ञान लेते हुए खाते को फ्रीज करा दिया।
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महिला को नहीं थी जानकारी
पुलिस की जांच में एक अहम खुलासा यह हुआ है कि जिस महिला का वीडियो वायरल किया गया है, उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उसके इंटरव्यू का इस्तेमाल पैसे जुटाने के लिए किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि तरुण हत्याकांड में उस महिला का कोई रोल नहीं है।
धोखाधड़ी या असली मदद? पुलिस जांच में जुटी
अब पुलिस का ध्यान उस व्यक्ति पर केंद्रित है जिसने महिला का इंटरव्यू लिया और उसे QR कोड के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। पुलिस अब यह जांच रही है कि आरोपी का मकसद सच में परिवार की मदद करना था या तरुण हत्याकांड का माहौल बनकर धोखाधड़ी करने की साजिश रची गई थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस यूट्यूब लिंक पर QR कोड लगाया गया था, उसे हटवा दिया गया है। अभी संदिग्ध लेनदारी को लेकर विस्तृत जांच की जा रही है और जल्द ही इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति की पहचान करने में कामयाबी मिलने की उम्मीद है।





















