कॉकरोच जनता पार्टी नोएडा- गाजियाबाद चींटी जनता पार्टी बिल्डर पंजाब-हरियाणा बिहार-झारखंड क्राइम न्यूज़ फिल्म न्यूज राजनीतिक न्यूज लाइफस्टाइल जरा हटके खेल जर्नल नॉलेज

---Advertisement---

स्वच्छ दिल्ली के झूठे दावे, मोहन गार्डन में सीवर कहर

Sewer Havoc in Mohan Garden: मोहन गार्डन (राजा पुर खुर्द नियर राहुल प्रोर्टी गली नंबर 1,2) के निवासियों का कहना है कि यह समस्या एक-दो दिन की नहीं है, बल्कि कई महीनों से नालियां बंद पड़ी हैं। गलियों में कई इंच तक गंदा पानी भरा रहता है। सड़कों पर चलना तो दूर, घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।

दिल्ली सरकार के टूटे वादे, सीवर जाम बिगाड़ रहा जिंदगी (फाइल फोटो)

HIGHLIGHTS

  • महीनों से जाम सीवर, जल बोर्ड की लापरवाही बनी जहर
  • मोहन गार्डन: सीवर का जहर पीने को मजबूर जनता बेहाल
  • एक ही सरकार होकर भी फेल, विधायक भी हैं बेबस
  • मोहन गार्डन की ये सच्चाई उड़ाएगी होश, पानी बना जहर
  • गलियों में फैली भयानक गंदगी और बदबू, मोहन गार्डन बेहाल

Sewer Havoc in Mohan Garden: दिल्ली को अक्सर विकास और आधुनिक सुविधाओं का पर्याय माना जाता है, लेकिन राजधानी के मोहन गार्डन इलाके की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। यहां की संकरी गलियों में सीवर जाम की समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। कई महीनों से लगातार गंदे पानी का बहाव और बदबू का कहर जारी है, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। अब यह सिर्फ एक सफाई का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि इस लापरवाही का असर सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। सीवर का दूषित पानी अब पीने के पानी की पाइपलाइनों में घुलने लगा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

महीनों से उमड़ रहा है गंदा पानी, अधिकारी अंधे

मोहन गार्डन (राजा पुर खुर्द नियर राहुल प्रोर्टी गली नंबर 1,2 ) के निवासियों का कहना है कि यह समस्या एक-दो दिन की नहीं है, बल्कि कई महीनों से नालियां बंद पड़ी हैं। गलियों में कई इंच तक गंदा पानी भरा रहता है। सड़कों पर चलना तो दूर, घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों को संक्रमण का लगातार खतरा बना हुआ है। लोगों ने कई बार शिकायतें भी कीं, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने न तो समस्या को गंभीरता से लिया और न ही मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। जब तक कोई बड़ा अधिकारी गलियों में कदम नहीं रखता, तब तक निचले स्तर के कर्मचारी मामूली जुगाड़ से काम चलाकर चले जाते हैं, जिससे समस्या कुछ घंटों के लिए ठीक होती है और फिर वैसी ही हो जाती है।

पीने के पानी में घुल रहा जहर

सीवर जाम का सबसे भयानक पहलू यह है कि अब यह गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। पुरानी और टूटी हुई पाइपलाइनों के कारण सीवर का दूषित पानी पीने के पानी की लाइनों में मिलने लगा है। कई घरों से मिट्टी और बदबूदार पानी निकलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और पेट के गंभीर रोगों का खतरा मंडरा रहा है। अगर जल्द ही इस समस्या पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह इलाका जलजनित बीमारियों का बड़ा केंद्र बन सकता है। लोगों को अब बाहर से शुद्ध पानी खरीदकर लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जो आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है।

विधायक की असहायता और एक ही सरकार का खेल

दिल्ली में आज जो भी सरकार है, वह चाहे विधानसभा में हो या नगर निगम में, सबका झंडा एक ही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब सत्ता एक ही पार्टी के हाथ में है, तो फिर आपसी तालमेल न होने की समस्या कहां से आ रही है? मोहन गार्डन के विधायक ने भले ही शुरुआत में इस मुद्दे को उठाया हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पा रहा है। नौकरशाही के चक्करवात में जनप्रतिनिधि भी असहाय नजर आ रहे हैं। जनता को लगता है कि जब सब कुछ एक ही प्रबंधन के अधीन है, तो फिर इतनी देर और लापरवाही क्यों? यह स्थिति सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है।

‘स्वच्छता’ के नाम पर बेनकाब हुई सरकार

दिल्ली सरकार लगातार ‘स्वच्छ दिल्ली’, ‘स्वच्छता ही सेवा’ जैसे मुहिमों के बड़े-बड़े दावे करती है। पोस्टर और बैनर तो लगवा दिए जाते हैं, लेकिन मोहन गार्डन जैसे इलाकों की बदहाली इन दावों की पोल खोल रही है। सफाई कर्मचारियों की कमी, मशीनों का न होना और समय पर टेंडर नहीं होना जैसी बहानेबाजी अब जनता को गले नहीं उतर रही। आम आदमी को सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, जबकि उसका जीवन गंदगी और बीमारियों से प्रभावित हो रहा है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now