कॉकरोच जनता पार्टी चींटी जनता पार्टी
---Advertisement---

बढ़ता कोलेस्ट्रॉल बन सकता है हार्ट अटैक की वजह, जानें छिपे हुए कारण

Cholesterol Control News: आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में तनाव हर किसी का साथी बन गया है। काम का बोझ, पारिवारिक जिम्मेदारियां और भविष्य की चिंताएं लोगों को तनाव में डाल देती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह स्ट्रेस सीधे आपके लिवर से जुड़ा है? क्लीवलैंड क्लिनिक की एक स्टडी के अनुसार, तनाव शरीर के उन हॉर्मोन्स को बदल देता है जो कोलेस्ट्रॉल बनाने का काम करते हैं।

क्या आपकी रोजमर्रा की आदतें चुपचाप बढ़ा रही हैं कोलेस्ट्रॉल?

HIGHLIGHTS

  • इमोशनल ईटिंग और जंक फूड बना रहे हैं दिल को बीमार
  • रिफाइंड कार्ब्स से रहें सावधान, बढ़ सकता है बैड कोलेस्ट्रॉल
  • दिल की सुरक्षा के लिए अपनाएं ये आसान लेकिन असरदार उपाय
  • 30 मिनट की एक्सरसाइज से कम हो सकता है बैड कोलेस्ट्रॉल
  • कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए बदलें ये 6 रोजमर्रा की आदतें

Cholesterol Control News: आज के दौर में, जहां जीवनशैली बदल रही है और खान-पान के पैटर्न में भारी बदलाव आ रहे हैं, वहां हृदय रोग एक गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। इसका प्रमुख कारण हमारे शरीर में बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल है। अक्सर लोग जब ‘कोलेस्ट्रॉल’ नाम सुनते हैं, तो उन्हें लगता है कि यह शरीर के लिए केवल नुकसानदेह है। लेकिन यह एक भ्रांति है। चिकित्सा जगत के विशेषज्ञ बताते हैं कि कोलेस्ट्रॉल दो तरह का होता है—अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) और बुरा कोलेस्ट्रॉल (LDL)।

दरअसल, समस्या तब होती है जब शरीर में ‘बुरा कोलेस्ट्रॉल’ (LDL) का स्तर बढ़ जाता है और ‘अच्छा कोलेस्ट्रॉल’ कम हो जाता है। यह असंतुलन धमनियों में प्लाक जमा करता है, जिससे दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हम अक्सर यह मान लेते हैं कि फैटी फूड खाने से ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। एक्सपर्ट्स की चेतावनी है कि हमारी कुछ ऐसी रोजमर्रा की आदतें हैं, जो शायद हमें नुकसानदेह न लगें, लेकिन वे अनजाने में बुरे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भयावह रूप दे देती हैं।

क्रोनिक स्ट्रेस चुपचाप सेहत बिगाड़ने वाला कातिल

आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में तनाव हर किसी का साथी बन गया है। काम का बोझ, पारिवारिक जिम्मेदारियां और भविष्य की चिंताएं लोगों को तनाव में डाल देती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह स्ट्रेस सीधे आपके लिवर से जुड़ा है? क्लीवलैंड क्लिनिक की एक स्टडी के अनुसार, तनाव शरीर के उन हॉर्मोन्स को बदल देता है जो कोलेस्ट्रॉल बनाने का काम करते हैं।

जब हम तनाव में रहते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाइन जैसे हॉर्मोन रिलीज होते हैं। इन हॉर्मोन्स का असर लिवर पर पड़ता है और लिवर अपनी क्षमता से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल का निर्माण करने लगता है। समय के साथ, यह अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल खून में घुलने लगता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

घरेलू उपाय/समाधान

स्ट्रेस को कम करने के लिए दवाइयों की जरूरत नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव की जरूरत है। प्रतिदिन कुछ समय ब्रीदिंग एक्सरसाइज (श्वास व्यायाम), योगासन और ध्यान के लिए निकालें। नियमित रूप से सुबह की सैर (वॉकिंग) न केवल शरीर को फिट रखती है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल लेवल सामान्य रहता है।

कमजोर करती है मेटाबॉलिज्म

क्या आप जानते हैं कि नींद लेना सिर्फ शरीर को आराम देना नहीं है? यह हमारे हार्मोनल बैलेंस और मेटाबॉलिज्म के लिए बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट्स की मानें तो, जो लोग रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेते, उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने की क्षमता कम हो जाती है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कम नींद लेने से टोटल कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर गिर सकता है। जब हम सोते हैं, तो हमारा शरीर रिपेयर मोड में चला जाता है। नींद की कमी से स्ट्रेस हॉर्मोन कॉर्टिसोल बढ़ जाता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से एलडीएल को बढ़ावा देता है।

एक स्वस्थ वयस्क को हर दिन कम से कम 7 से 9 घंटे की गहरी नींद लेनी चाहिए। इसके लिए अपनी सोने की टाइमिंग फिक्स करें। सोते समय मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से दूरी बनाए रखें। एक रेगुलर डेली रूटीन बनाने से शरीर का क्लॉक सेट हो जाता है और आपको बेहतर नींद मिलती है।

रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन

अगर आप सोचते हैं कि चीनी और तेलयुक्त भोजन ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है, तो आप गलत हैं। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स भी उतने ही खतरनाक होते हैं। मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैक्ड जूस, बिस्किट, स्नैक्स और सफेद ब्रेड जैसी चीजें शरीर के लिए विष का काम करती हैं।

ये खाद्य पदार्थ खून में ग्लूकोज के स्तर को तेजी से बढ़ाते हैं। जब शरीर में शुगर लेवल अचानक बढ़ता है, तो इंसुलिन का स्त्राव बढ़ जाता है। इसका असर यह होता है कि ट्राइग्लिसराइड्स (एक प्रकार का वसा) बढ़ने लगते हैं और अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) कम हो जाता है।

घंटों तक बैठे रहना

आज के दौर में ज्यादातर लोगों का काम डेस्क पर है। पढ़ाई, ऑफिस का काम या फिर मोबाइल का चस्का… हम कई घंटे तक बिना हिले-डुले एक ही जगह बैठे रहते हैं। एक्सपर्ट्स इसे ‘सिटिंग डिजीज’ भी कहते हैं। जब आप लंबे समय तक बैठे रहते हैं, तो शरीर में वसा (फैट) का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। इससे अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है और बुरा कोलेस्ट्रॉल शरीर में जमा होने लगता है।

ज्यादा खाना और इमोशनल ईटिंग

बहुत से लोग स्ट्रेस या उदासी की वजह से ज्यादा खाते हैं, जिसे ‘इमोशनल ईटिंग’ कहा जाता है। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारा दिमाग फैटी और चीनी वाले जंक फूड खाने के लिए मजबूर करता है। यह एक साइकोलॉजिकल प्रोसेस है।

प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड स्नैक्स और फास्ट फूड में ट्रांस फैट और शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इनका सेवन सीधे एलडीएल को बढ़ाता है। इसके अलावा, ज्यादा खाने से वजन बढ़ता है, जो कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने की क्षमता को खत्म कर देता है।

एक्सरसाइज की कमी

शरीर का वजन और कोलेस्ट्रॉल का स्तर आपस में गहरे रूप से जुड़े हैं। जैसे-जैसे वजन बढ़ता है, खून की नलियों (ब्लड वेसल) की दीवारों पर दबाव पड़ता है और वहां प्लाक जमने लगता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल को और भी खराब कर देते हैं।

मायोक्लिनिक के अनुसार, नियमित व्यायाम करने से शरीर में एलडीएल कम होता है और एचडीएल बढ़ता है। व्यायाम उस वसा को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है जो अन्यथा रक्तधाराओं में रुक सकती है। अपने वजन को कंट्रोल में रखें, खासकर पेट की चर्बी को कम करने पर ध्यान दें। रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि जरूरी है। इसमें तेज चलना, तैराकी, साइक्लिंग या डांस शामिल हो सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now