राजपूत युवा संगठन नोएडा ने मनाई महाराणा प्रताप जयंती

Noida News:सभा में यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि सम्मान और स्वतंत्रता किसी भी वैभव या सत्ता से अधिक मूल्यवान है। आज के समय में जब व्यक्ति अपने सिद्धांतों से समझौता कर लेने को व्यावहारिकता समझ बैठा है, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन हमें आत्मसम्मान की रक्षा का अमूल्य पाठ पढ़ाता है।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर नंगली गांव में उमड़ा जनसैलाब

HIGHLIGHTS

  • हजारों युवाओं की मौजूदगी में गूंजा महाराणा प्रताप का जयघोष
  • स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का संदेश दे गई महाराणा प्रताप जयंती
  • नंगली गांव बना वीरता और गौरव का केंद्र, भव्य आयोजन सफल
  • महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने का युवाओं ने लिया संकल्प
  • हल्दीघाटी के वीर को श्रद्धांजलि, युवाओं में दिखा अद्भुत उत्साह

Noida News: शनिवार 9 मई 2026 को गांव नंगली, सेक्टर 134 नोएडा में वीर शिरोमणि महान शूरवीर मेवाड़ मुकुट महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और कुर्बानी के साथ मनाई गई। यह भव्य कार्यक्रम राजपूत युवा संगठन नोएडा के द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें हज़ारों युवाओं ने भाग लेकर इसे एक ऐतिहासिक और सफल आयोजन बनाया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के तेजस्वी जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मेवाड़ के इस महान शूरवीर का जन्म 9 मई 1540 को कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ था। मेवाड़ के राजा उदयसिंह के पुत्र प्रताप में बचपन से ही अदम्य साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्र प्रेम के गुण स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे थे। जब मुगल शासक अकबर भारत के बड़े हिस्से पर अपना अधिपत्य स्थापित कर चुका था और अधिकांश राजाओं ने उसकी स्वाधीनता स्वीकार कर ली थी, तब ऐसे कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में महाराणा प्रताप ने मेवाड़ की स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा का अडिग संकल्प लिया।

सम्मान और स्वतंत्रता सबसे बड़ा वैभव

सभा में यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि सम्मान और स्वतंत्रता किसी भी वैभव या सत्ता से अधिक मूल्यवान है। आज के समय में जब व्यक्ति अपने सिद्धांतों से समझौता कर लेने को व्यावहारिकता समझ बैठा है, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन हमें आत्मसम्मान की रक्षा का अमूल्य पाठ पढ़ाता है। महाराणा ने सुख-सुविधाओं का त्याग कर जंगलों में जीवन बिताना स्वीकार किया, किंतु पराधीनता कभी स्वीकार नहीं की। इतिहास में ‘घास की रोटियां’ का प्रसंग केवल कठिनाई का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह असीम त्याग और दृढ़ निश्चय का अद्वितीय उदाहरण है। हल्दीघाटी का युद्ध केवल सत्ता प्राप्ति का संघर्ष नहीं था, बल्कि यह स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा का युद्ध था।

आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत

कार्यक्रम में आज की युवा पीढ़ी की चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आज युवाओं के सामने प्रतिस्पर्धा, तनाव, नैतिक भ्रम और त्वरित सफलता की दौड़ जैसी अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे दौर में महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, धैर्य और संकल्प की अजेय प्रेरणा देता है। वर्तमान के युवाओं को इन चुनौतियों और असफलताओं से घबराने के बजाय साहसपूर्वक कठिनाई का सामना करना चाहिए। कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य और मूल्यों से कभी वंचित नहीं होना चाहिए। महाराणा का जीवन युवाओं में राष्ट्र प्रेम और आत्म गौरव की भावना जागृत करता है।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप केवल अतीत के महान योद्धा नहीं हैं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए अमर प्रेरणा के स्रोत हैं। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, स्वाभिमान, राष्ट्र प्रेम और मानवीय मूल्यों का उज्जवल उदाहरण है। जब-जब भारतीय समाज अपने आदर्श की ओर देखेगा, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का तेजस्वी व्यक्तित्व उसे नई ऊर्जा और दिशा देता रहेगा।

हज़ारों युवाओं ने लिया भाग, बनी भव्य संगठन टीम

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को एक भव्य आयोजन में बदलने के लिए राजपूत युवा संगठन की आयोजक समिति ने जी-तोड़ मेहनत की। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों और सक्रिय सदस्यों सहित हज़ारों युवाओं ने शिरकत की। संगठन की इस अभूतपूर्व मेहनत और जनसहयोग के कारण ही महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती नोएडा के नंगली गांव में एक अमित स्मृति के रूप में दर्ज हो गई।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now