International News: पीएम नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे में नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत और नॉर्डिक देशों के बीच गहरे रिश्तों, व्यापार और नवाचार पर जोर दिया। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख सख्त है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
प्राकृतिक साझेदार और साझी प्राथमिकताएं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षीयवाद के लिए हमारी आपसी प्रतिबद्धता हमें प्राकृतिक साझेदार (Natural Partners) बनाती है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी (टिकाऊ विकास) जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों की साझी प्राथमिकताएं मिलकर काम करने के अनेक अवसर प्रदान करती हैं।
Sharing my remarks during the joint press meet with leaders of Nordic nations. https://t.co/Kfpxw9AByU
— Narendra Modi (@narendramodi) May 19, 2026
पीएम मोदी ने बताया कि इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए लगभग आठ साल पहले नॉर्डिक देशों के साथ रिश्तों को तेज और मजबूत करने के लिए एक विशेष प्रारूप बनाया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
व्यापार समझौतों से बढ़ेंगे संबंध
व्यापारिक साझेदारी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2025 से नॉर्वे, आइसलैंड और अन्य EFTA देशों के साथ हमने ‘ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप अग्रीमेंट’ (TEPA) को लागू किया है। इसके अलावा, कुछ ही महीने पहले भारत-यूरोपियन यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी काम हुआ है, जिसमें डेनमार्क, फिनलैंड और स्वीडन भी शामिल हैं। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इन महत्वाकांक्षी व्यापार समझौतों से भारत और नॉर्डिक देशों के साथ संबंधों में एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत होगी।
दुनिया में शांति की कामना
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक शांति पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत-नॉर्वे के संबंध अवसरों से भरे हैं और दुनिया में शांति कायम रखने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे। आतंकवाद जैसी वैश्विक समस्याओं से निपटने में भी दोनों पक्ष एक-दूसरे का सहयोग करेंगे।
























