आप पार्टी में मचा सियासी भूचाल, सांगठनिक एकता ध्वस्त,राघव चड्ढा ने छोड़ी पार्टी

Delhi News: राघव चड्ढा ने एक बेहद चुटीली टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से मुझे पार्टी के अंदर घुटन महसूस हो रही थी। मुझे लगता था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं। इसलिए आज मैं आप पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं।

राघव चड्ढा समेत आप पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का BJP का पलड़ा भारी

HIGHLIGHTS

  • आप पार्टी से बगावत: राघव चड्ढा का इस्तीफा
  • 'गलत पार्टी में सही आदमी'
  • 2/3 राज्यसभा सांसदों का भाजपा  में विलय
  • राघव के साथ कौन-कौन शामिल?
  • भाजपा  अध्यक्ष से होगी मुलाकात
  • राज्यसभा में आप पार्टी की आधी ताकत खत्म

Delhi News: आप पार्टी (आम आदमी पार्टी ) को राज्यसभा में एक बड़ा और ऐतिहासिक झटका लगा है। पार्टी के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि आप पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा राज्यसभा सांसद उनके साथ हैं और जल्द ही वे सभी भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) में विलय करेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद थे। राघव ने भारी मन से कहा कि मैंने इस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा और जवानी के 15 साल दिए। लेकिन आज यह पार्टी अपने उन आदर्शों और मूल नैतिकता से पूरी तरह भटक चुकी है। अब यह देश हित में नहीं, बल्कि निजी फायदे के लिए काम कर रही है।

‘गलत पार्टी में सही आदमी’

अपनी नाराजगी और निर्णय को व्यक्त करते हुए राघव चड्ढा ने एक बेहद चुटीली टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से मुझे पार्टी के अंदर घुटन महसूस हो रही थी। मुझे लगता था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं। इसलिए आज मैं आप पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं।

संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करेंगे भाजपा में विलय के लिए

बता दें कि राघव चड्ढा ने बताया कि उनके साथ आप पार्टी के 2/3 राज्यसभा सदस्य हैं, जिन्होंने इस फैसले पर साइन कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि हम भारत के संविधान के प्रावधानों (टू-थर्ड मर्जर का नियम) का इस्तेमाल करते हुए खुद को बीजेपी में विलय करा लेंगे। उनके अनुसार, उनके साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल सहित कई बड़े नाम शामिल हैं।

बता दें कि राज्यसभा में आप पार्टी के कुल 10 सांसद हैं (7 पंजाब और 3 दिल्ली से)। अगर 2/3 सांसद चले जाते हैं, तो इसका मतलब केजरीवाल की पार्टी के पास राज्यसभा में महज 3 से 4 सांसद ही बचेंगे। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल थोड़ी देर में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता लेंगे।

दिल्ली की हार और संदीप पाठक की ‘अनदेखी’ बनी बगावत की वजह?

सियासी गलियारों में इस बड़े उलटफेर की वजह के तौर पर दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप पार्टी की करारी हार को माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव हार के बाद से ही पार्टी में आंतरिक कलह चरम पर थी। 2022 के पंजाब चुनाव अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले संदीप पाठक को कथित तौर पर सीमित कर दिया गया था। उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाकर हाशिए पर धकेल दिया गया, जबकि मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन, आतिशी और गोपाल राय जैसे नेताओं को पंजाब, गोवा और गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्यों की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा, दिल्ली चुनाव से पहले ही स्वाति मालीवाल ने बगावती तेवर अपना लिए थे।

केजरीवाल के लिए बढ़ी मुश्किलें

बता दें कि राघव चड्ढा और अन्य दो बड़े सांसदों के जाने से अरविंद केजरीवाल की राज्यसभा में ताकत आधी से भी कम रह गई है। यह घटनाक्रम न सिर्फ आप पार्टी की सांगठनिक एकता पर, बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। अब देखना यह होगा कि केजरीवाल इस ‘सियासी भूचाल’ से कैसे उबरते हैं और बचे हुए सांसदों को एकजुट रख पाते हैं या नहीं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now