UP News: उत्तर प्रदेश की प्रयागराज पुलिस ने संगठित अपराध और माफिया के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने कुख्यात नकल माफिया, गैंग लीडर और हिस्ट्रीशीटर सोनू सिंह यादव के खिलाफ उसकी गलत तरीकों से अर्जित संपत्ति पर शिकंजा कसा है। पुलिस आयुक्त प्रयागराज के सख्त निर्देशों के तहत, सोनू सिंह द्वारा अपराध से कमाई गई धन-राशि से खरीदी गई चल-अचल संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क (जब्त) कर लिया गया है। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि वे अवैध धन से खरीदी गई संपत्ति को अब लंबे समय तक अपने पास नहीं रख सकेंगे।
सोरांव तहसील में दर्ज हुआ कुर्की का शिकार
इस मामले में प्रयागराज पुलिस ने सोरांव तहसील के राजापुर मल्हुआ गांव स्थित जमीन को अपना निशाना बनाया है। आरोप है कि सोनू सिंह यादव ने अपराध की दुनिया से कमाए गए पैसों का उपयोग कर यह जमीन खरीदी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आराजी संख्या 366 और 367 में कुल रकबा 0.2780 हेक्टेयर है, जिसमें से विक्रेता वसीम के संपूर्ण वैधानिक हिस्से 0.0695 हेक्टेयर के आधे भाग (यानी 347.5 वर्ग मीटर) को पुलिस ने कुर्क किया है। जमीन के इस हिस्से की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपए बताई जा रही है।
पुलिस कमिश्नर प्रयागराज के आदेश पर यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई। सोरांव थाना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत यह कार्रवाई की है। इस दौरान मौके पर एसडीएम सोरांव आईएएस भारती मीणा और एसीपी सोरांव श्यामजीत प्रमिला भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहीं। अधिकारियों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहा है।
पत्नी के नाम पर की गई थी संपत्ति खरीद
जांच में सामने आया है कि सोनू सिंह यादव ने अपनी पहचान छुपाने और कानून के शिकंजे से बचने के लिए संपत्तियों को अपने परिजनों के नाम पर करवाने का पुराना नुस्खा अपनाया। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी शारदा यादव के साथ मिलकर अपराध से अर्जित धन से यह संपत्ति खरीदी थी। पुलिस को शक था कि सोनू अपनी आमदनी का स्रोत छुपाते हुए अपनी पत्नी के नाम पर जमीन-जायदाद अर्जित कर रहा है, जिसके बाद तहसील और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।
भय और दबंगई के बल पर बनाई साम्राज्य
कुख्यात नकल माफिया और गैंग लीडर सोनू सिंह यादव थाना नवाबगंज के कटरा कौड़िहार का रहने वाला है। इलाके में उसका नाम डर के साथ लिया जाता है। आरोप है कि सोनू ने भय और दबंगई के बल पर लोगों को डरा-धमकाकर अपराध जगत से अर्जित धन से पत्नी शारदा यादव के नाम पर अकूत संपत्ति अर्जित की है। वह न केवल नकल माफिया के रूप में कुख्यात है, बल्कि गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का सामना कर रहा है। उस पर लोगों को धमकाने, रंगदारी मांगने और जबरन वसूली जैसे तमाम आरोप लगते रहे हैं। पुलिस की मानें तो उसने अपने आपराधिक इतिहास का उपयोग कर एक विशाल संपत्ति का निर्माण किया था, जिसे अब पुलिस ध्वस्त कर रही है।
दर्ज हैं कई आपराधिक मुकदमे
गैंग लीडर सोनू सिंह यादव का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। विस्तृत जानकारी के मुताबिक, सोनू सिंह यादव के खिलाफ सोरांव थाने में तीन, नवाबगंज थाने में चार और झूंसी थाने में एक मुकदमा दर्ज है, जिसके साथ कुल आपराधिक मुकदमों की संख्या आठ हो जाती है। यह उसकी क्रूर प्रवृत्ति को दर्शाता है।
इतना ही नहीं, उसकी पत्नी शारदा यादव भी अपराधिक गतिविधियों से दूर नहीं है। शारदा यादव के खिलाफ भी झूंसी, नवाबगंज और सोरांव थाने में एक-एक आपराधिक मुकदमा दर्ज है। पति-पत्नी की इस जोड़ी पर पुलिस की पैनी नजर थी और अब पुलिस ने उन्हें उनके अपराध का परिणाम भुगतने के लिए तैयार कर लिया है।
पुलिस की अगली कार्रवाई
प्रयागराज पुलिस इस मामले में और भी गहराई तक जाने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि सोनू सिंह यादव और उसकी पत्नी शारदा यादव की अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। यह कार्रवाई केवल एक जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस ने उनके स्वामित्व वाली अन्य प्रॉपर्टी की भी जांच शुरू कर दी है। जल्द ही अन्य संपत्तियों को भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया जा सकता है।
पुलिस आयुक्त का यह कदम उन अपराधियों के लिए एक चेतावनी है जो अपराध की कमाई से शान और शौक रचते हैं। प्रयागराज पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी व्यक्ति कानून व्यवस्था को चुनौती देगा और अवैध साधनों से संपत्ति अर्जित करेगा, उसकी संपत्ति जब्त कर उसे आर्थिक रूप से सबक सिखाया जाएगा। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर को अपराध मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।





















