PM Modis Meeting:पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट के मद्देनजर देश की आर्थिक और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की एक अहम बैठक हुई। पीएम आवास पर हुई यह बैठक करीब ढाई घंटे तक चली, जिसमें ऊर्जा, कृषि, उर्वरक और आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर व्यापक रणनीति बनाई गई।
यहां हैं इस अहम बैठक की प्रमुख बातें:
1. ऊर्जा सुरक्षा और LPG-PNG सप्लाई
बैठक में ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। LPG और LNG (समुद्री गैस) की आपूर्ति को विविधता (Supply Diversification) देने पर रणनीति बनाई गई। साथ ही, ईंधन शुल्क (Fuel Duty) में कमी और बिजली उत्पादन को अनवरत बनाए रखने के लिए पावर सेक्टर में किए जा रहे उपायों की समीक्षा की गई। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि देश में वर्तमान में कोयले का पर्याप्त भंडार है, जो आने वाले महीनों में बिजली की मांग को आसानी से पूरा कर सकेगा।
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2. फर्टिलाइजर (उर्वरक) की उपलब्धता पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने खासकर किसानों और आम आदमी की जरूरतों का आकलन किया। उन्होंने आगामी खरीफ और रबी सीजन के लिए उर्वरक की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस संबंध में घरेलू स्तर पर यूरिया उत्पादन को बनाए रखने और DAP तथा NPKS उर्वरकों की आपूर्ति के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बैठाने पर चर्चा हुई।
3. कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई
वैश्विक संकट के बीच जरूरी वस्तुओं की कीमतें स्थिर रखने के लिए सरकार पूरी तरह अलर्ट है। बैठक में जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के कड़ेई से पालन को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के साथ लगातार मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं।
4. अफवाहों पर रोकथाम का निर्देश
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक तनाव के बीच किसी भी तरह की अफवाह फैलने से नागरिकों को बचाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकारी मशीनरी को निर्देश दिए कि सही और तथ्यात्मक जानकारी को समय पर और आसानी से जनता तक पहुंचाया जाए।
शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी
इस क्रूशियल मीटिंग में देश का पूरा शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहा। इसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अलावा शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, अश्विनी वैष्णव, सर्बानंद सोनोवाल, जेपी नड्डा, हरदीप सिंह पुरी, प्रल्हाद जोशी, पीयूष गोयल और राममोहन नायडू शामिल हुए।
पिछली बैठक का रिव्यू
यह बैठक 22 मार्च को हुई CCS मीटिंग का विस्तार माना जा रहा है। पिछली बैठक में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों से निपटने के लिए मंत्रियों और सचिवों का एक समूह बनाया था। उस बैठक में कच्चे तेल, गैस, शिपिंग, एमएसएमई, निर्यातकों और वैकल्पिक उर्वरक स्रोतों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। आज की बैठक में उसी दिशा में उठाए गए कदमों की प्रगति की समीक्षा की गई।






















