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पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को किया संबोधित

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 'विकसित भारत 2047' की परिकल्पना को केंद्र में रखते हुए कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास इस सपने को साकार करने का सबसे मजबूत स्तंभ है। उन्होंने पंचायतों से लेकर संसद तक की निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।

समावेशी शासन की ओर भारत का मजबूत कदम

HIGHLIGHTS

  • विज्ञान भवन में गूंजा महिला सशक्तिकरण का संदेश
  • महिला नेतृत्व से विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ता देश
  • संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन को मिलेगी गति
  • पंचायत से संसद तक महिलाओं की बढ़ती ताकत पर चर्चा

Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यहां विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक और व्यापक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करना और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देना है। इस सम्मेलन की खासियत इस विविधता में थी, जहां जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ीी प्रख्यात हस्तियां और सफल महिलाएं एक मंच पर एकजुट हुईं। इनमें सरकार, शिक्षा, विज्ञान, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे क्षेत्रों की दिग्गज महिलाएं शामिल थीं।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को केंद्र में रखते हुए कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास इस सपने को साकार करने का सबसे मजबूत स्तंभ है। उन्होंने पंचायतों से लेकर संसद तक की निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने कहा कि जब तक नीतियों के निर्माण में महिलाओं की सीधी भागीदारी नहीं होगी, तब तक सशक्त और समावेशी राष्ट्र का निर्माण अधूरा रहेगा।

16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र, महिला आरक्षण पर होगी चर्चा

बता दें कि सम्मेलन के दौरान सबसे महत्वपूर्ण ऐलान किया गया कि सितंबर 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के कार्यान्वयन को अंतिम और तेज रूप दिया जाएगा। यह अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान करता है। समावेशी शासन की दिशा में इस ऐतिहासिक कदम को धरातल पर उतारने के लिए 16 अप्रैल को संसद का एक विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र में महिलाओं के लिए आरक्षण को राष्ट्रव्यापी स्तर पर लागू करने की आगे की रणनीति और तकनीकी पहलुओं पर व्यापक चर्चा की जाएगी।

इस सम्मेलन ने एक बार फिर से यह संदेश दिया है कि केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण को सिर्फ किसी योजना तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें सत्ता के केंद्र में लाकर देश की गति को तेज करना चाहती है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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