Noida News: समाज में बदलाव की नींव किसी बड़े आंदोलन से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संकल्पों और निरंतर सेवा की भावना से पड़ती है। इसी क्रम में नोएडा की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता और नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्षा शालिनी सिंह ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने राष्ट्र सेविका समिति के सर्वोच्च प्रशिक्षण वर्ग—‘प्रवीण वर्ग’ को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस उपलब्धि के बाद उन्होंने देश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। यह मुलाकात केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के नए आयामों पर गहन चर्चा का अवसर रही।
केवल प्रशिक्षण नहीं, एक आंतरिक यात्रा
राष्ट्र सेविका समिति का ‘प्रवीण वर्ग’ कोई साधारण प्रशिक्षण शिविर नहीं है। यह एक ऐसी शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक यात्रा होती है, जहां एक कार्यकर्ता को संगठन की बारीकियों, राष्ट्र के इतिहास और सामाजिक जीवन की चुनौतियों को गहराई से समझने का अवसर मिलता है। इस वर्ग को पूरा करने के लिए अदम्य साहस, कठोर अनुशासन और समर्पण की आवश्यकता होती है। शालिनी सिंह का यह सफलतापूर्वक पूरा करना उनके दृढ़ संकल्प और सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र जैसे अनुभवी और प्रखर राजनीतिक चिंतक से मिलना हमेशा से प्रेरणादायक रहा है। इस भेंट के दौरान कलराज मिश्र ने राष्ट्र सेविका समिति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह संगठन केवल व्यक्तित्व निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का एक अत्यंत शक्तिशाली माध्यम है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण वर्गों से जो संस्कार, अनुशासन और सेवा की भावना उत्पन्न होती है, उसे समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति (अंतिम व्यक्ति) तक पहुंचाना हर सेविका का सर्वोच्च कर्तव्य है। उन्होंने वर्तमान परिदृश्य में युवाओं की भूमिका पर गौर करते हुए कहा कि आज के दौर में समाज और राष्ट्रहित में निस्वार्थ भाव से काम करने वाले युवाओं की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। कलराज मिश्र के ये शब्द शालिनी के लिए एक आदर्श मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी से अनूठी मुलाकात
इसी क्रम में शालिनी सिंह की बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी से भी एक अत्यंत आत्मीय और सारगर्भित मुलाकात हुई। शिक्षा और महिला सशक्तिकरण एक-दूसरे के पूरक हैं। इस बैठक में इसी विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने मिलकर यह परखा कि किस प्रकार शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है और महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें समाज के मुख्यधारा में लाया जा सकता है। सामाजिक समरसता को लेकर भी इस दौरान काफी गहन विचार-विमर्श हुआ।
नोएडा से लेकर समाज तक
प्रवीण वर्ग की चुनौतियों को पार कर चुकी शालिनी सिंह इस अनुभव को बेहद परिवर्तनकारी मानती हैं। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें संगठन चलाने की कला, नेतृत्व की क्षमता और सबसे जरूरी—राष्ट्रसेवा के उन आयामों को समझने में मदद की जो पुस्तकों में नहीं मिलते।
नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्षा के रूप में शालिनी ने एक स्पष्ट संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, “मेरा प्रयास रहेगा कि मुझे जो ज्ञान, संस्कार और व्यावहारिक अनुभव प्रवीण वर्ग से मिला है, उसका लाभ नोएडा के स्थानीय स्तर पर और यथासंभव अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।” उनका मानना है कि सेवा, समर्पण और राष्ट्रभावना केवल नारों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इन्हें अपने दैनिक जीवन और सामाजिक कार्यों में उतारना होगा।






















