Noida News: यमुना मार्जिनल बांध (यमुना तट बांध/पुस्ता बांध) की चार लेन सड़क के रखरखाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम विकास संगठन नोएडा ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2014 में निर्मित इस महत्वपूर्ण सड़क का पिछले लगभग 12 वर्षों में एक बार भी समुचित अनुरक्षण (मेंटेनेंस) नहीं कराया गया। संगठन का कहना है कि सड़क की जर्जर स्थिति, दोनों ओर और मध्य भाग में उगी कंटीली झाड़ियां तथा जगह-जगह फैला कूड़ा न केवल राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, बल्कि क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और स्वच्छता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
ग्राम विकास संगठन नोएडा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि संगठन के संयोजक डीपी चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) से सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण के नए प्रशासनिक भवन में मुलाकात की। इस दौरान उन्हें एक ज्ञापन सौंपकर यमुना मार्जिनल बांध की चार लेन सड़क की तत्काल मरम्मत, दोनों ओर और डिवाइडर में उगी झाड़ियों की सफाई तथा सड़क किनारे जमा कूड़े के ढेर हटाने की मांग की गई।
2014 में बना था सड़क मार्ग
अशोक चौहान ने बताया कि इस सड़क का निर्माण वर्ष 2014 में नोएडा प्राधिकरण द्वारा वित्तपोषित धनराशि से कराया गया था। बाद में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग और नोएडा प्राधिकरण के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत यह तय हुआ था कि सड़क के अनुरक्षण और मरम्मत के लिए आवश्यक धनराशि नोएडा प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा, जबकि कार्य सिंचाई विभाग द्वारा कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसी व्यवस्था के तहत नोएडा प्राधिकरण ने यमुना मार्जिनल बांध सड़क की मरम्मत और अनुरक्षण के लिए 34.18 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इसमें से पहली किस्त के रूप में करीब 11 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को जारी भी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद सेक्टर-94 स्थित रायपुर गांव से लेकर सेक्टर-135 के नंगली वाजिदपुर तक सड़क पर अब तक कोई प्रभावी मरम्मत या सफाई अभियान शुरू नहीं हुआ है।
झाड़ियां और कूड़ा बने परेशानी
संगठन का कहना है कि करीब 11.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में कीकर और अन्य कंटीली झाड़ियां उग आई हैं। कई स्थानों पर झाड़ियां सड़क के हिस्से तक फैल चुकी हैं, जिससे वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होती है। इसके अलावा सड़क किनारे जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे बदबू, गंदगी और प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई और अनुरक्षण कराया जाए तो यह मार्ग नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का प्रभावी विकल्प बन सकता है और मुख्य मार्ग पर लगने वाले ट्रैफिक जाम का दबाव भी कम होगा।
सीईओ ने दिए कार्रवाई के निर्देश
प्रतिनिधिमंडल की शिकायत सुनने के बाद नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जीएम (सिविल) **अशोक कुमार अरोड़ा** को निर्देश दिए कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ जल्द बैठक कर सड़क की मरम्मत और सफाई का कार्य तत्काल शुरू कराया जाए। ग्राम विकास संगठन ने यह भी मांग की कि पूरे मामले की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, ताकि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बन सके और कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो।
वर्षों से दर्ज हो रही हैं शिकायतें
अशोक चौहान ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से इस सड़क की सफाई और मरम्मत के लिए लगातार संबंधित विभागों को पत्र लिख रहे हैं और मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर भी शिकायतें दर्ज करा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में शिकायत संख्या 40014123027859 दर्ज की गई थी। उस समय सिंचाई विभाग ने अपने जवाब में कहा था कि पुस्ता बांध सड़क की नियमित सफाई का दायित्व नोएडा प्राधिकरण का है।
इसके बाद 31 अगस्त 2024 को शिकायत संख्या 40014124021755 और 40014124021758 अलग-अलग विभागों के लिए दर्ज कराई गई। वहीं 28 अगस्त 2025 को भी शिकायत संख्या 40014125031556 के माध्यम से समस्या दोबारा उठाई गई। बावजूद इसके आज तक रायपुर से नंगली वाजिदपुर तक सड़क की सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई।
ट्रैफिक और पर्यावरण दोनों को होगा लाभ
ग्राम विकास संगठन का कहना है कि यदि सड़क को दुरुस्त कर नियमित अनुरक्षण सुनिश्चित किया जाए तो रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर, गढ़ी शाहपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, नंगली नंगला, नंगली शाखपुर, नंगली वाजिदपुर, छपरौली, दोस्तपुर मंगरौली सहित आसपास के अनेक गांवों तथा सेक्टर-126 से 135 और सेक्टर-168 के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
संगठन के अनुसार इस सड़क के बेहतर उपयोग से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही सड़क के किनारे फैली गंदगी हटने से स्वच्छता अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
ग्राम विकास संगठन ने मांग की है कि सेक्टर-94 रायपुर से सेक्टर-135 नंगली वाजिदपुर तक यमुना मार्जिनल बांध की चार लेन सड़क से कंटीली झाड़ियों और कूड़े को तत्काल हटाया जाए, सड़क की व्यापक मरम्मत कराई जाए तथा भविष्य में नियमित अनुरक्षण की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह महत्वपूर्ण मार्ग आम जनता के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और उपयोगी बन सके।






















