ब्रिटेन की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों हड़कंप मचा हुआ है। लेबर पार्टी के नेतृत्व में आई सरकार के लिए चीजें बेहद अनुकूल नहीं जा रही हैं। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) के इस्तीफे को लेकर जो अटकलें काफी समय से चल रही थीं, वे अब तेजी से सामने आ रही हैं। प्रभावशाली ब्रिटिश अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ की एक रिपोर्ट ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है, जिसमें दावा किया गया है कि स्टार्मर सोमवार को या तो इस्तीफा दे सकते हैं या फिर पद छोड़ने की तारीख का ऐलान कर सकते हैं।
हालांकि, सरकार के एक वरिष्ठ सूत्र ने इन खबरों पर ब्रेक लगाते हुए कहा कि स्टार्मर अभी भी प्रधानमंत्री के रूप में अपना काम कर रहे हैं और उनका पूरा ध्यान देश को चलाने और लोगों की समस्याओं को हल करने पर है। लेकिन सत्ता पक्ष के अंदर की बगावत कम करने वाली नहीं है।

100 से ज्यादा सांसदों ने खोला मोर्चा
स्टार्मर सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनकी अपनी पार्टी से खड़ी हो गई है। लेबर पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं। उनकी मांग साफ है—स्टार्मर को तुरंत पद छोड़ देना चाहिए या फिर वह अपने जाने का एक समय-सीमा तय कर दें। ब्रिटिश संसदीय राजनीति में एक ही पार्टी के इतने बड़ी संख्या में सांसदों का खुलकर विरोध करना किसी भी प्रधानमंत्री के लिए घातक साबित होता है।
एंडी बर्नहैम की जीत ने बदली रणनीति
पिछले कई महीनों से कीर स्टार्मर की सियासी स्थिति कमजोर होती जा रही थी, लेकिन शुक्रवार को आई चुनावी खबर ने उनके लिए मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं। उनके प्रतिद्वंद्वी और लेबर पार्टी के दिग्गज नेता एंडी बर्नहैम ने संसद की एक सीट जीत ली है।
यह जीत सिर्फ एक सीट जीतने से ज्यादा मायने रखती है। इस जीत के बाद एंडी बर्नहैम अब लेबर पार्टी के नेतृत्व को औपचारिक चुनौती देने की स्थिति में आ गए हैं। सांसद बनने के बाद वह पार्टी की प्रमुख पद की दौड़ में आसानी से शामिल हो सकते हैं, जिससे स्टार्मर खेमे में हड़कंप मच गया है।
चेकर्स में भविष्य पर चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बढ़ते दबाव के बीच कीर स्टार्मर इन दिनों अपने सरकारी आवास ‘चेकर्स’ (Chequers) में अपनी पत्नी के साथ अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर लंबी चर्चाओं में लगे हुए हैं। लेबर पार्टी के कई सीनियर नेताओं को उम्मीद है कि सोमवार को स्टार्मर इस सियासी उथल-पुथल पर कोई बड़ा बयान दे सकते हैं, जो पार्टी के भविष्य की दिशा तय करेगा।
स्टार्मर ने क्या कहा?
हालांकि, शुक्रवार को मीडिया के सामने आकर कीर स्टार्मर ने अपने त्यागपत्र की खबरों को खारिज करते हुए साफ कहा कि वह नेतृत्व के खिलाफ आने वाली किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना करेंगे। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपसी लड़ाई में न उलझें। स्टार्मर ने चेतावनी दी कि इस तरह की आपसी खींचतान से पार्टी को भारी नुकसान पहुंचेगा और विपक्ष को मौका मिलेगा।
2024 की ऐतिहासिक जीत से लेकर गिरती लोकप्रियता
यह सियासी संकट इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि कीर स्टार्मर ने जुलाई 2024 में हुए आम चुनाव में लेबर पार्टी को एक बेहद प्रभावशाली जीत दिलाई थी। कंजर्वेटिव पार्टी के लंबे शासन के बाद जनता ने लेबर पार्टी पर भरोसा जताया था।
लेकिन चुनाव जीतने के बाद से ही स्टार्मर की सरकार विवादों के घेरे में रही। तोहफों (Freebies) को लेकर हुआ बड़ा विवाद, कई नीतिगत फैसलों में यू-टर्न (U-turn) लेना और सरकारी कामकाज में उलझन जैसी बातों ने उनकी छवि को बुरी तरह धक्का पहुंचाया। सबसे बड़ा कारण यह रहा कि आम आदमी को लगने लगा कि स्टार्मर लोगों के जीवन स्तर में सुधार और बिगड़ती अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के अपने वादों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
अगला प्रधानमंत्री कौन? एंडी बर्नहैम सबसे आगे
अगर कीर स्टार्मर पद छोड़ते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगला नेता कौन होगा? इस वक्त 56 साल के एंडी बर्नहैम को स्टार्मर का सबसे मजबूत उत्तराधिकारी माना जा रहा है। बर्नहैम ब्रिटेन की राजनीति के एक बहुत ही अनुभवी और लोकप्रिय चेहरे हैं। हाल ही में चुनाव जीतने के बाद उन्होंने देश को एक ‘नई दिशा’ देने का वादा किया है। उनके समर्थकों का मानना है कि स्टार्मर को बगैर किसी शर्मिंदगी के खुद ही पद छोड़ देना चाहिए ताकि पार्टी की बेहतरी के लिए रास्ता साफ हो सके।
राजनीतिक गलियारों में एक और बड़ी चर्चा चल रही है। कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि अगर एंडी बर्नहैम प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वह मौजूदा वित्त मंत्री रेचल रीव्स को अपनी कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। माना जा रहा है कि बर्नहैम अपनी टीम में बिल्कुल नए चेहरे लाना चाहते हैं, हालांकि इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।






















