MCD Ward Committee Election 2026: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने वार्ड कमेटियों के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए महत्वपूर्ण चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। निगम सचिवालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 15 जुलाई को सभी 12 वार्ड कमेटियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में संबंधित वार्डों के पार्षद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इसके साथ ही स्टैंडिंग कमेटी की छह रिक्त सीटों को भरने के लिए भी मतदान कराया जाएगा।
नगर निगम की राजनीति में इन चुनावों को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इनके नतीजे न केवल वार्ड कमेटियों के नेतृत्व का फैसला करेंगे, बल्कि एमसीडी की सबसे प्रभावशाली स्टैंडिंग कमेटी की नई तस्वीर भी सामने लाएंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के बीच रणनीति और जोड़-तोड़ तेज होने की संभावना है।
15 जुलाई को होगी चुनाव प्रक्रिया
नगर निगम सचिवालय द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया 15 जुलाई को सिविक सेंटर स्थित हंसराज गुप्ता ऑडिटोरियम और सत्य नारायण बंसल सभागार में आयोजित होगी। अलग-अलग समय पर 12 वार्ड कमेटियों की बैठकें बुलाई जाएंगी, जहां संबंधित क्षेत्र के पार्षद मतदान के जरिए अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन करेंगे। जिन वार्ड कमेटियों में स्टैंडिंग कमेटी की सीटें खाली हुई हैं, वहां उसी दिन एक-एक नए सदस्य का चुनाव भी कराया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत संपन्न होगी।
स्टैंडिंग कमेटी की 6 सीटें क्यों हुईं खाली?
एमसीडी सचिवालय के अनुसार, स्टैंडिंग कमेटी की छह सीटें संबंधित सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण रिक्त हुई हैं। अब इन सीटों पर नए प्रतिनिधियों का चुनाव कराया जाएगा।
जिन वार्ड कमेटियों से नए सदस्य चुने जाएंगे, उनमें शामिल हैं कि केशव पुरम जोन,नरेला जोन, नजफगढ़ जोन, सेंट्रल जोन, शाहदरा साउथ जोन, करोल बाग जोन इन छह जोनों से चुने जाने वाले सदस्य सीधे एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी का हिस्सा बनेंगे। यही वजह है कि इन चुनावों पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
गुप्त मतदान से होगा चुनाव
नगर निगम द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि चुनाव दिल्ली नगर निगम (प्रोसीजर एंड कंडक्ट ऑफ बिजनेस) रेगुलेशन, 1958 के प्रावधानों के अनुसार कराए जाएंगे।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का चुनाव **सीक्रेट बैलेट (गुप्त मतदान)** के जरिए होगा। यानी पार्षद अपने मत का प्रयोग गोपनीय तरीके से करेंगे और मतदान के आधार पर विजेताओं की घोषणा की जाएगी।
10 जुलाई तक दाखिल किए जा सकेंगे नामांकन
चुनाव लड़ने के इच्छुक पार्षदों को अपना नामांकन पत्र 10 जुलाई की शाम 5 बजे तक नगर निगम सचिव के कार्यालय में जमा करना होगा। इसके अलावा उम्मीदवारों को मतदान शुरू होने से पहले तक अपना नाम वापस लेने का भी अधिकार दिया गया है। नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा मतदान शुरू होने से ठीक पहले तक निर्धारित की गई है।
इन 12 वार्ड कमेटियों में होगी बैठक
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, निम्नलिखित 12 वार्ड कमेटियों की बैठकें अलग-अलग समय पर आयोजित होंगी। साउथ जोन, केशव पुरम जोन, रोहिणी जोन, नरेला जोन, सेंट्रल जोन, वेस्ट जोन, नजफगढ़ जोन,शाहदरा साउथ जोन, शाहदरा नॉर्थ जोन, करोल बाग जोन, सिविल लाइंस जोन सिटी एसपी जोन हर वार्ड कमेटी में संबंधित पार्षद मतदान कर अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन करेंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है स्टैंडिंग कमेटी?
एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी को नगर निगम की सबसे महत्वपूर्ण समितियों में गिना जाता है। निगम के वित्तीय मामलों, बड़े विकास कार्यों, बजट संबंधी प्रस्तावों और कई प्रशासनिक निर्णयों में इस समिति की अहम भूमिका होती है।
यही कारण है कि स्टैंडिंग कमेटी में किस दल के कितने सदस्य होंगे, इसका सीधा असर निगम की कार्यप्रणाली और राजनीतिक समीकरणों पर पड़ता है। छह नई सीटों पर होने वाला चुनाव भविष्य की रणनीति तय करने में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक गतिविधियां होंगी तेज
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही एमसीडी की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दल अब अपने उम्मीदवारों के चयन, समर्थन जुटाने और वार्ड कमेटियों में बहुमत सुनिश्चित करने की रणनीति बनाने में जुट सकते हैं।
विशेष रूप से उन छह जोनों पर सभी की नजर रहेगी, जहां से स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य चुने जाने हैं। इन सीटों के नतीजे यह तय करेंगे कि आने वाले समय में निगम की प्रमुख समिति में किस दल की स्थिति मजबूत रहेगी।
क्या रहेगा आगे का कार्यक्रम?
अब 10 जुलाई तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद यदि आवश्यक हुआ तो उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। अंततः 15 जुलाई को सभी निर्धारित वार्ड कमेटियों की बैठकों में मतदान कराया जाएगा और उसी दिन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा स्टैंडिंग कमेटी के नए सदस्यों के नाम घोषित किए जाने की संभावना है।
एमसीडी की प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक संतुलन के लिहाज से यह चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं। इनके परिणाम आने वाले समय में निगम के फैसलों और सत्ता के समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।






















