संध्या समय न्यूज
दिल्ली नगर निगम (MCD) के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में इतिहास रच दिया है। निगम ने इस बार पिछले सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अब तक लगभग 2950 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है और विभाग को 31 मार्च तक 3200 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने की पूरी उम्मीद है।
टैक्स दाताओं में देखी गई बड़ी बढ़ोतरी
इस बार वसूली का आंकड़ा ही नहीं, बल्कि टैक्स जमा करने वाले नागरिकों की संख्या में भी उल्लेखनीय उछाल देखा गया है।
- पिछले साल: इसी अवधि तक लगभग 10.60 लाख प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स का भुगतान किया था।
- इस साल: यह आंकड़ा बढ़कर करीब 12.80 लाख तक पहुंच गया है।
इस तरह से पिछले साल की तुलना में लगभग 2.20 लाख अतिरिक्त प्रॉपर्टी मालिकों ने अपना टैक्स जमा कराया है, जिससे निगम के राजस्व में तेजी से इजाफा हुआ है।
‘सूनियो योजना’ बनी वसूली की रीढ़
विभाग का मानना है कि इस रिकॉर्ड तोड़ वसूली का सबसे बड़ा श्रेय ‘सूनियो योजना’ को जाता है। कुछ महीने पहले शुरू की गई इस योजना ने लोगों को टैक्स भुगतान के लिए प्रेरित किया। प्रॉपर्टी टैक्स MCD के लिए सबसे बड़ा राजस्व स्रोत है, और इस योजना की वजह से वह लक्ष्य अब आसान लगने लगा है जो पहले चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था।
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योजना का फायदा
इस योजना के तहत उन प्रॉपर्टी मालिकों को बड़ी राहत दी गई है जिन्होंने साल 2004 के बाद कभी टैक्स नहीं जमा किया था। ऐसे मालिक मौजूदा वित्तीय वर्ष के साथ पिछले पांच साल का टैक्स जमा करके पुराने सभी बकाये से छुटकारा पा सकते हैं। साथ ही, उन्हें ब्याज और पेनल्टी से भी माफी मिलती है।
समयसीमा में हुई बढ़ोतरी
योजना को जनता से मिल रहे भरपूर समर्थन को देखते हुए अधिकारियों ने इसकी समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि टैक्स डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान के कारण भी वसूली में लगातार तेजी आ रही है। अब सभी की नजरें 31 मार्च को होने वाली समाप्ति तिथि पर हैं, जब तक निगम अपने 3200 करोड़ के लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश में जुटा है।





















