संध्या समय न्यूज
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार (11 फरवरी) को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए इस 9.13 लाख करोड़ रुपये के बजट पर अब विपक्ष ने निशाना साधना शुरू कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बजट की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘लोक लुभावना’ और जमीनी हकीकत से दूर बताया है। मायावती ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि आज पेश किया गया बजट जनता के वास्तविक उत्थान और प्रदेश के सर्वसमाज व सभी क्षेत्रों के विकास की तुलना में ज्यादा लोक लुभावना प्रतीत होता है।
पिछले बजट का हवाला देते हुए किया हमला
पूर्व सीएम मायावती ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार पिछले वर्ष के बजट के जमीनी क्रियान्वयन का सही डेटा देकर बजट भाषण प्रस्तुत करती, तो यह परंपरा ठोस और विश्वसनीय बनती। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान बजट भी सिर्फ अखबारों की सुर्खियां बटोरने वाला लग रहा है। उन्होंने कहा कि जिससे एक बार फिर लोगों को अपने ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदों पर पानी फिर गया लगता है।” उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों को स्थाई आमदनी वाली रोजगार व्यवस्था का इंतजार बना हुआ है, जिसके लिए सरकार को गंभीरता और सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है।
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आरक्षण और भर्तियों पर जोर
बसपा सुप्रीमो ने सरकार से मांग की कि एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण पर उसका उचित ध्यान देना जरूरी है। साथ ही लंबित भर्तियों (बैकलॉग) की पूर्ति जितनी जल्दी हो सके उतना ही बेहतर होगा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज पेश किया गया सन् 2026-27 का बजट लोक लुभावना ज्यादा तथा जनता के वास्तविक उत्थान एवं प्रदेश में सर्वसमाज व सभी क्षेत्र के विकास का कम प्रतीत होता है। फिर भी जो घोषणायें व आश्वासन आदि जनता को देने का प्रयास किया गया है उसकी सही से समयबद्ध तरीके से अमल…
— Mayawati (@Mayawati) February 11, 2026
‘सर्वजन हिताय’ का सिद्धांत याद दिलाया
अपनी प्रतिक्रिया में मायावती ने भाजपा सरकार को सलाह देते हुए कहा कि अगर वह बीएसपी की चारों सरकारों की तरह ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के संवैधानिक दायित्व को निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास करे, तो यह देश और जनहित में उचित होगा। उन्होंने कहा कि बजट वर्ग विशेष या क्षेत्र विशेष का हितकारी नहीं, बल्कि करोड़ों गरीबों और किसानों के जीवन सुधार का माध्यम बनना चाहिए। गौरतलब है कि यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आज 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है।

















