Haryana News: हरियाणा के रेवाड़ी जिले से एक दिलदहला देने वाली खबर सामने आई है। जहां एक शांत रिहायशी इलाके में अचानक एक जोरदार ब्लास्ट (धमाका) हुआ, जिसकी आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में भूचाल जैसा महसूस हुआ। इस हादसे ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। रविवार की शाम को हुए इस विस्फोट में एक 3 साल की मासूम बच्ची समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
कैसे और कहां हुआ यह भयानक धमाका?
यह पूरा मामला रेवाड़ी शहर के भाड़ावास रोड स्थित ‘हंस नगर’ रिहायशी कॉलोनी का है। बताया जा रहा है कि शाम करीब 6 बजे जब लोग अपने-अपने घरों में आराम कर रहे थे, तभी अचानक एक तेज धमाके की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा। धमाका इतना भयंकर था कि जिस घर में यह विस्फोट हुआ, वह क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही, ब्लास्ट के असर से आस-पास के कई मकानों की खिड़कियों के कांच के शीशे बुरी तरह टूट कर बिखर गए और कुछ घरों के दरवाजे भी अपनी जगह से उखड़ गए।
3 साल की बच्ची समेत 5 लोगों की जान पर बनी आफत
इस भीषण विस्फोट के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में जो 5 लोग घायल हुए हैं, उनमें एक मासूम 3 साल की बच्ची भी शामिल है। धमाके के समय ये लोग आसपास ही मौजूद थे, जिन्हें ब्लास्ट के बाद उड़ने वाले मलबे और कांच के टुकड़ों की चपेट में आना पड़ा। घायलों की हालत देखते हुए तुरंत स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
इलाज के लिए किया गया रेफर
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और रेहड़ी-फड़ी विभाग की टीमों ने तत्काल सभी घायलों को रेवाड़ी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि, चोटें काफी गंभीर थीं, जिसके चलते सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने 3 साल की बच्ची समेत सभी 5 घायलों को बेहतर इलाज के लिए अलग-अलग जगहों पर रेफर कर दिया है। कुछ घायलों को रोहतक के पीजीआई (PGI) और कुछ को गुरुग्राम तथा दिल्ली के बड़े अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है, ताकि उनकी जान को खतरा न हो।
पुलिस और एफएसएल टीम जुटी जांच में
विस्फोट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक रिहायशी इलाके में यह धमाका कैसे हुआ? क्या यह किसी गैस सिलेंडर का ब्लास्ट था या फिर कोई और साजिश? अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है और किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अंदर जाने से रोक दिया गया है।
वहीं, मामले की तह तक जाने के लिए फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की एक विशेष टीम को बुलाया गया है। एफएसएल के विशेषज्ञों ने मौके से कई नमूने और साक्ष्य एकत्र किए हैं। ये नमूने लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे, जिससे यह पता चल सकेगा कि ब्लास्ट में किस तरह के केमिकल या सामग्री का इस्तेमाल हुआ है।






















