रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच रूस की राजधानी मॉस्को एक बार फिर बड़े हमले की चपेट में आ गई है। गुरुवार तड़के यूक्रेन द्वारा किए गए व्यापक ड्रोन हमले ने मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। हमले के बाद कई स्थानों पर आग लग गई, आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और शहर के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। यह हमला पिछले एक सप्ताह में मॉस्को की ऊर्जा अवसंरचना पर दूसरा बड़ा हमला माना जा रहा है।
रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन ने रातभर सैकड़ों ड्रोन लॉन्च किए, जिनमें से बड़ी संख्या को रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। हालांकि कई ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे और उन्होंने मॉस्को क्षेत्र की महत्वपूर्ण तेल सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया। इस घटना के बाद रूस के एयर डिफेंस सिस्टम की प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

मॉस्को ऑयल रिफाइनरी बनी मुख्य निशाना
हमले का सबसे बड़ा असर मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर देखा गया, जो राजधानी क्षेत्र को ईंधन आपूर्ति करने वाली प्रमुख इकाइयों में शामिल है। जानकारी के मुताबिक, ड्रोन हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में जोरदार विस्फोट हुआ और कई जगहों पर भीषण आग लग गई। आग की लपटें काफी दूर तक दिखाई दीं जबकि घना काला धुआं पूरे इलाके में फैल गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टोरेज टैंकों, क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट और डीजल हाइड्रोट्रीटिंग यूनिट को नुकसान पहुंचा है। यह भी बताया जा रहा है कि 16 जून को हुए पहले हमले के बाद यह दूसरी बार है जब इस रिफाइनरी को निशाना बनाया गया है।
रूस का दावा- 555 ड्रोन मार गिराए
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने रातभर में विभिन्न क्षेत्रों में कुल 555 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए। मंत्रालय के मुताबिक, इनमें से लगभग 200 ड्रोन मॉस्को क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे जिन्हें राजधानी तक पहुंचने से पहले रोक लिया गया।
हालांकि, रूसी अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ ड्रोन सुरक्षा घेरा भेदने में सफल रहे और उन्होंने कई लक्ष्यों को नुकसान पहुंचाया। यही कारण है कि हमले के बाद मॉस्को में कई स्थानों पर आग और विस्फोट की घटनाएं दर्ज की गईं।
मॉस्को के चार प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ानें प्रभावित
हमले के बाद सुरक्षा कारणों से मॉस्को के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। प्रभावित एयरपोर्ट्स में शेरेमेत्येवो, डोमोदेदोवो, व्नुकोवो और झुकोव्स्की शामिल हैं।
रूसी परिवहन मंत्रालय के अनुसार, सैकड़ों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इसका असर पड़ा। कई विमानों को डायवर्ट करना पड़ा जबकि अनेक उड़ानों में देरी हुई। एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ा।
जेलेंस्की ने बताया ‘जवाबी कार्रवाई’
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने इस हमले को रूस के लगातार हमलों का “उचित जवाब” बताया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की लंबी दूरी की ड्रोन क्षमता अब मॉस्को क्षेत्र तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही है और सैन्य व रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बना रही है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर हमले से जुड़े वीडियो भी साझा किए। यूक्रेनी नेतृत्व का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता और सैन्य लॉजिस्टिक्स को कमजोर करना है।
रूस ने बताया ‘आतंकवादी हमला’
दूसरी ओर रूस ने इस कार्रवाई को “आतंकवादी हमला” करार दिया है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन जानबूझकर देश की महत्वपूर्ण नागरिक और ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बना रहा है। हालांकि रूस ने अभी तक किसी बड़े नागरिक नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला यूक्रेन की बढ़ती ड्रोन क्षमता का बड़ा प्रदर्शन है। 500 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर मॉस्को तक पहुंचने वाले ड्रोन न केवल रूस की रणनीतिक संपत्तियों को चुनौती दे रहे हैं बल्कि उसके एयर डिफेंस नेटवर्क की सीमाओं को भी उजागर कर रहे हैं।






















