Delhi News: दिल्ली में 6 अप्रैल को दिल्ली विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक देखने को मिली। एक शख्स ने गेट नंबर-2 को कार से टक्कर मारकर परिसर में जबरदस्ती प्रवेश किया। इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है। जंगपुरा से भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने इस मामले में विपक्ष और पंजाब सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर इस पीछे ‘गैंगवार’ का खुलासा हो सकता है।
कैसे हुई वारदात?
बता दें कि 6 अप्रैल को सरबजीत सिंह नामक व्यक्ति अपनी कार लेकर सीधे विधानसभा के गेट नंबर-2 पर पहुंचा और बैरिकेडिंग तोड़ते हुए अंदर घुस गया। हैरानी की बात यह रही कि वह अंदर फूलों का गुलदस्ता लेकर गया और स्पीकर की गाड़ी के पास उसे रखकर फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी का बयान
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने तत्काल आरोपी सरबजीत को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे वर्तमान में 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। सुरक्षा चूक को लेकर दो पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है। हालांकि, पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपने इस कदम को एक ‘शरारत’ बताया है। उसका दावा है कि उसने अपने लापता भांजे के मामले को लेकर सरकार और अधिकारियों का ध्यान खींचने के लिए ऐसा किया।
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पुलिस के इस दावे के बीच भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा, “दिल्ली विधानसभा में जो कार घुसी है, उसकी जांच दिल्ली पुलिस कमिश्नर कर रहे हैं। वह यह देखना चाह रहे हैं कि आखिर यह किसकी शरारत है।” उन्होंने आगे कहा, “इससे पहले भी तीन बार दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है, जिसकी जांच भी जारी है।”
विधायक ने सीधे विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “मुझे लगता है कि पंजाब में जो सरकार (विपक्ष) चला रही है, उनका कोई गैंगवार भी चल रहा है। जो कुछ भी हुआ है, उसके संकेत उनकी तरफ भी जा रहे हैं। हालांकि, अभी इंक्वायरी चल रही है। इंक्वायरी पूरी होने दीजिए, सब कुछ सामने आ जाएगा।”
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस पूरे प्रकरण ने दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी फेलियोर को सामने ला दिया है। विपक्ष लगातार सरकार और प्रशासन से इस मामले पर सवाल पूछ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस दिल्ली विधानसभा को अत्यंत सुरक्षित माना जाता है, वहां एक शख्स आसानी से कार लेकर कैसे घुस सकता है? अगर विधानसभा सुरक्षित नहीं है, तो आम दिल्लीवासों की सुरक्षा का दावा कितना सच है, यह एक बड़ा सवाल है। अब सभी की नजरें दिल्ली पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।




















