Noida News: आज के दौर में जब तेजी से बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिकरण ने पर्यावरण को गंभीर चुनौतियों से रूबरू कर दिया है, ऐसे समय में जन-जागरूकता और सक्रिय सहभागिता ही इस संकट का समाधान है। इसी कड़ी में भारत विकास परिषद, नोएडा शाखा द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल शुरू की गई है—‘एक पेड़ माँ के नाम’।
इस विशेष अभियान के तहत आज नोएडा के दो प्रमुख स्थलों—श्री जी गौ सदन और कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-11 के पार्क में एक विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण और मातृत्व के प्रति गहरा सम्मान जगाना था।
अभियान की विशेषता और विचारधारा
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान किसी औपचारिकता से परे की एक भावनात्मक अवधारणा है। भारतीय संस्कृति में माँ का स्थान सर्वोच्च है और प्रकृति को भी हम ‘माँ’ के रूप में पूजते हैं। यह अभियान इन दोनों अवधारणाओं को जोड़ता है। जिस तरह एक माँ बच्चे को जीवन देती है, पोषण करती है और संरक्षण करती है, ठीक उसी तरह पेड़-पौधे पृथ्वी और मानव जाति के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभाते हैं। परिषद द्वारा इस अभियान को एक जन-जागरूकता प्रयास के रूप में पेश किया गया, ताकि लोग पेड़ों को केवल काठ या छाया का साधन न समझें, बल्कि जीवन के आधार के रूप में देखें।
गणमान्य अतिथियों का विशेष योगदान
इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने शिरकत की, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। मुख्य अतिथियों में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह और वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. विजेन्द्र पाल सिंह का विशेष सहयोग रहा।
प्रो. राणा प्रताप सिंह ने शैक्षणिक दृष्टिकोण से पर्यावरण की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवा पीढ़ी को इस दिशा में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं से निपटने के लिए व्यावहारिक कदम उठाने की आवश्यकता है। वहीं, डॉ. विजेन्द्र पाल सिंह ने जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में वृक्षों की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे पेड़-पौधे जीव-जंतुओं और पक्षियों के लिए आश्रय स्थल हैं और प्रकृति के चक्र को स्वस्थ बनाए रखते हैं। इन अतिथियों ने सबसे जरूरी बात यह परिलक्षित की कि पौधा लगाने के बाद उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी उतनी ही अनिवार्य है।
कार्यक्रम की सफल संचालन और रणनीति
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत विकास परिषद, नोएडा के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने इस अभियान की रूपरेखा और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक लंबी अवधि की सामाजिक यात्रा है। गुप्ता ने कहा कि जब हम अपनी माँ का नाम लेकर कोई काम करते हैं, तो उसमें कोई कमी नहीं आने दी जाती। इसी भावना के साथ हमारा प्रयास है कि हर परिवार अपनी माँ के नाम से एक पेड़ लगाए और उसे अपने बच्चे की तरह पाले।
इस अभियान के अंतर्गत केवल आंकिक लक्ष्य को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित नहीं किया गया, बल्कि पौधों के चयन में वैज्ञानिक और पारिस्थितिक दृष्टिकोण को अपनाया गया। कार्यक्रम स्थल पर छायादार (जैसे- नीम, पीपल, बरगद), फलदार (जैसे- अमरूद, जामुन, आम) और पर्यावरण हितैषी (जैसे- कचनार, अशोक) पौधों का चयन किया गया। इन पौधों को इसलिए चुना गया ताकि वे न सिर्फ जलवायु में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाएं, बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी बढ़ावा दें और आम नागरिकों को फलों का लाभ भी मिल सके।
सहयोग और आभार प्रदर्शन
किसी भी बड़े सामाजिक अभियान को सफल बनाने में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता होती है। इस कार्यक्रम को सफलायन देने में श्री जी गौ सदन प्रबंधन के अध्यक्ष विकास अग्रवाल का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने गौ सदन के परिसर में वृक्षारोपण हेतु स्थान और तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इसके अलावा, नोएडा प्राधिकरण के महासचिव सुशील शर्मा के मार्गदर्शन और सहयोग से सेक्टर-11 के पार्क को इस कार्य के लिए चुना गया।

भारत विकास परिषद ने अपने बयान में सभी सहयोगी संस्थाओं, परिषद के सक्रिय सदस्यों, स्वयंसेवकों और मीडिया प्रतिनिधियों का गहरा आभार व्यक्त किया। मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा गया कि इस तरह के सकारात्मक कार्यों को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें।






















