Delhi News: देश की राजनीति में लगातार बदलते परिदृश्य के बीच, कांग्रेस ने अपनी एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य पार्टी की आगामी रणनीतियों पर चर्चा करना था। हालांकि, इस बैठक में टीएमसी के कांग्रेस में विलय को लेकर किसी भी तरह की चर्चा नहीं हुई है। इसकी पुष्टि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने भी की है, जिन्होंने कहा है कि ऐसी अफवाहें बेबुनियाद हैं और इसका कोई आधार नहीं है।
बैठक का उद्घाटन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया, जबकि लोकसभा में पार्टी के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा समेत कई वरिष्ठ नेता भी बैठक में उपस्थित रहे। बैठक करीब तीन घंटे तक चली, जिसमें पार्टी की रणनीति, संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी योजनाओं पर गंभीर चर्चा हुई।
टीएमसी के विलय को लेकर अफवाहें क्यों फैलीं?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया और कुछ समाचार स्रोतों में यह खबर उड़ी थी कि टीएमसी का कांग्रेस में विलय हो सकता है। हालांकि, पार्टी नेताओं ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज किया है। केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि न तो बैठक में इस तरह की कोई चर्चा हुई और न ही इस विषय पर कोई विचार किया गया है। उन्होंने कहा, “यह अफवाह है, बेबुनियाद है। हमारी प्राथमिकता भारत जोड़ो अभियान को मजबूत करना है और इंडिया ब्लॉक को सशक्त बनाना है। कांग्रेस का कोई विलय नहीं हो रहा है।”
बैठक के दौरान देश में महंगाई की स्थिति पर भी चर्चा हुई। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, खासकर गैस और ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता परेशान है। इस मुद्दे को लेकर पार्टी आने वाले महीनों में देशव्यापी प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था का सुधार
बैठक में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में हो रहे भ्रष्टाचार पर भी चर्चा हुई। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है, जिसके कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पार्टी आगामी 2-3 महीनों में इस मुद्दे को लेकर देशव्यापी आंदोलन करेगी। इसमें राज्य, जिला और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे ताकि सरकार को मजबूर किया जा सके कि वह परीक्षा प्रणाली में सुधार करे।
झारखंड में चुनाव आयोग द्वारा कांग्रेस की उम्मीदवार मिनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के फैसले को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बिना किसी आधार के उनका नामांकन रद्द किया गया है, जबकि एक बीजेपी समर्थित उम्मीदवार का नामांकन जारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर कानूनी और राजनीतिक स्तर पर लड़ाई लड़ेगी।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मुलाकात भी की है। पार्टी का कहना है कि वह इस मामले में कानूनी विकल्पों का सहारा लेगी और आंदोलन भी करेगी। पार्टी का मानना है कि यह निर्णय राजनीतिक कारणों से लिया गया है और इसे चुनौती दी जाएगी।
राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला
बैठक के दौरान, राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। बेरोजगारी, महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार की नीतियों को नाकाम बताया। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर देशभर में प्रदर्शन करेगी। दिल्ली में एक बड़ी रैली की तैयारी है, जिसमें जनता से समर्थन मांगा जाएगा।
कांग्रेस अब आगामी महीनों में व्यापक स्तर पर आंदोलन और प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। पार्टी का लक्ष्य है कि देश में लोगों की समस्याओं को केंद्र में रखकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाए। इसके अलावा, पार्टी संगठन को मजबूत बनाने और आगामी चुनावों में सफलता प्राप्त करने के लिए नई रणनीतियों पर भी विचार विमर्श किया गया है।






















