Delhi News: NEET-UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को आयोजित होने जा रहा है। परीक्षा से ठीक पहले आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छात्रों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया और उन्होंने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि एक महीने के भीतर दो बार इतनी बड़ी परीक्षा देना आसान नहीं होता, लेकिन अब विद्यार्थियों को पूरी एकाग्रता और शांत मन से परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए।
छात्रों को दी शुभकामनाएं
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह छात्रों की मानसिक स्थिति को समझते हैं और जानते हैं कि पिछले कुछ समय में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि NEET जैसी कठिन परीक्षा एक बार देना ही बेहद चुनौतीपूर्ण होता है और ऐसे में कम समय के अंतराल में दोबारा परीक्षा देना छात्रों के लिए तनावपूर्ण अनुभव हो सकता है।
केजरीवाल ने अपने संदेश में कहा कि मैं जानता हूं कि आप लोगों ने बहुत कुछ सहा है। एक महीने में दो एग्जाम देना कोई हंसी-खेल नहीं है। एक बार नीट एग्जाम देने में ही नानी याद आ जाती है। लेकिन अब पुरानी बातों को छोड़कर पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई कीजिए। शांत दिमाग से परीक्षा देने जाइए। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और आगे चलकर अच्छे डॉक्टर बनेंगे। आप सभी को मेरी ओर से ऑल द बेस्ट।
Hello Bachchon! All the best for your NEET exam.
Saara stress ab side mein rakh do. Apni mehnat par bharosa rakho aur bilkul shant mann se exam dena. You’ve got this 👍 pic.twitter.com/o1XLiwINvQ
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 19, 2026
उनके इस संदेश को छात्रों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है, खासकर उन अभ्यर्थियों के लिए जो परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा तैयारी में जुटे हुए हैं।
क्यों हो रहा है NEET UG री-एग्जाम?
गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा का आयोजन 3 मई को किया गया था। परीक्षा के बाद कई राज्यों में प्रश्नपत्र लीक होने और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे और संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की।
इसी विवाद के चलते परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है। लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, जिनके भविष्य का फैसला इस महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा के जरिए होगा।
टेलीग्राम बैन को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने NEET परीक्षा विवाद और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने एक्स पर साझा किए गए एक अन्य वीडियो में सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने के कदम को लेकर सवाल उठाए।
केजरीवाल ने कहा कि केवल टेलीग्राम को बैन कर देने से पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने इस कदम को “हास्यास्पद” बताते हुए कहा कि सरकार वास्तविक समस्या पर ध्यान देने के बजाय प्रतीकात्मक कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि पेपर लीक रोकने के लिए टेलीग्राम बैन कर दिया गया। क्या इससे पेपर लीक रुक जाएगा? पहले कहा गया कि प्रश्नपत्रों को एयरफोर्स के विमानों से ट्रांसपोर्ट कराया जाएगा और अब टेलीग्राम बैन करने की बात कही जा रही है। इससे समस्या का समाधान नहीं होगा।
‘पेपर लीक का कारोबार बड़ा नेटवर्क’
केजरीवाल ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि देश में पेपर लीक का कारोबार बहुत बड़े स्तर पर संचालित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे प्रभावशाली लोगों का संरक्षण हो सकता है और जब तक व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उनके अनुसार, बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं मेहनती छात्रों का मनोबल तोड़ती हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
युवाओं से किया व्यवस्था परिवर्तन का आह्वान
अपने बयान में केजरीवाल ने युवाओं से इस मुद्दे पर जागरूक रहने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल प्रशासनिक कदम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि पूरी व्यवस्था को मजबूत और जवाबदेह बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त निगरानी नहीं होगी, तब तक पेपर लीक जैसी समस्याएं सामने आती रहेंगी। साथ ही उन्होंने छात्रों से परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने और भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच बनाए रखने की अपील की।
छात्रों की निगाहें 21 जून पर
अब सभी की निगाहें 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम पर टिकी हुई हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्र पिछले कई दिनों से तैयारी में जुटे हुए हैं। परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा मौका मिलने से जहां कुछ छात्रों को राहत मिली है, वहीं कई अभ्यर्थी मानसिक दबाव और अतिरिक्त तैयारी की चुनौती का सामना कर रहे हैं।
ऐसे समय में राजनीतिक नेताओं और विभिन्न संगठनों द्वारा छात्रों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। अरविंद केजरीवाल का यह संदेश भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बनाए रखने और पूरे मनोयोग से परीक्षा देने की सलाह दी है।






















