उत्तर प्रदेश के कानपुर में आज गुरुवार को बड़े विमान हादसे की खबर से खलबली उठ गया। गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग के दौरान एक एयरक्राफ्ट आसमान से अचानक नीचे गिर गया। इस भीषण हादसे में विमान चलाने वाले इंस्ट्रक्टर पायलट और प्रशिक्षु (ट्रेनी) पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने इस घटना की पुष्टि की है और बताया है कि DGCA को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसकी टीम तकनीकी और गहन जांच के लिए मौके पर रहेगी।
टेक-ऑफ के ठीक 20 मिनट बाद हुआ हादसा
पुलिस कमिश्नर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह हादसा थाना ग्वालटोली अंतर्गत ग्राम नत्थापुरवा क्षेत्र के बाहरी इलाके में हुआ। गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से लगभग 11:30 बजे यह 4-सीटर डुअल इंजन विमान (टेकनम एयरक्राफ्ट) ट्रेनिंग फ्लाइट के लिए टेक-ऑफ किया था। टेक-ऑफ के महज 20 मिनट बाद, करीब 11:50 बजे, गंगा बैराज के नजदीक यह विमान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान गिरने की आवाज के साथ मलबे में तब्दील होने का नजारा किसी डरावने सीन से कम नहीं था। कहा जा रहा है कि एयरक्राफ्ट पर उस समय प्रशिक्षण उड़ान भरने का अभ्यास चल रहा था। टेकनम एयरक्राफ्ट की लोकप्रियता पायलट ट्रेनिंग सेंटर्स में काफी अधिक है, खासकर डुअल इंजन कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के लिए प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों के बीच इनका इस्तेमाल किया जाता है।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों में एयरक्राफ्ट चलाने वाले इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया और ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के अनुसार इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया गुजरात के रहने वाले थे, वहीं प्रशिक्षु पायलट अभिषेक पुजारी कर्नाटक से अपनी पायलट ट्रेनिंग पूरी करने यहां पहुंचे थे।
दोनों शख्स दूर-दराज से यहां अपने सपनों को पंख देने आए थे, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ उनकी जिंदगी छीन ली, बल्कि उनके परिवारों को भी झकझोर दे दिया है। सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नियमानुसार भेजते हुए परिजनों को सूचित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आसमान से गिरता देख विमान तो घबराई गांव के लोग
आसमान से धुआं उगलते हुए विमान के गिरने की खबर मिलते ही ग्राम नत्थापुरवा और आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। लोगों की बताई गई बातों के मुताबिक अचानक आए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर पहले तो लोग हतप्रभ रह गए, और जैसे ही उन्हें एयरक्राफ्ट दुर्घटना का पता चला, देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग दुर्घटना के मारे गए लोगों को निकालने के लिए आगे आए, हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही भीड़ को हटाते हुए घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया।
पुलिस का फौरी रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। नवाबगंज थाने की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। जिस वक्त विमान गिरा, उसका मलबा बिखरा हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए मलबे में फंसे दोनों पायलटों को बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल फौरी रूप से भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के लिए डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन हादसा इतना भीषण था कि दोनों को इलाज के दौरान ही मृत घोषित करना पड़ा।
DGCA की टीम करेगी विस्तृत और तकनीकी जांच
इस एविएशन हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर विमान के गिरने की वजह क्या बनी। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि पुलिस द्वारा घटनास्थल को सुरक्षित कर आवश्यक कार्रवाई की गई है और घटना की सूचना DGCA (नागरिक उड़्डयन महानिदेशालय) को तत्काल दे दी गई है।

DGCA की विशेषज्ञ टीम एयरक्राफ्ट का मलबा उठाकर तकनीकी पड़ताल करेगी, ताकि यह पता चल सके कि इंजन फेलियर, पायलट से जुड़ी लापरवाही या किसी अन्य तकनीकी खराबी के चलते यह दुर्घटना हुई। जांच के दौरान एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, पायलटों का ट्रेनिंग और फ्लाइट इतिहास, विमान की वज़ून-बैलेंस और दिन के मौसम की स्थिति सहित हर पहलू की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी।
























