संध्या समय न्यूज
उत्तर प्रदेश के कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन को लेकर अभी दहशत का माहौल कम नहीं हुआ था कि एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी ने प्रशासन को हलकान कर दिया। 36 घंटे के अंदर दूसरी बार मिली इस धमकी के बाद शुक्रवार को स्टेशन पर भारी तलाशी अभियान चलाया गया, हालांकि अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।
कैसे मिली धमकी?
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ईस्ट) सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7 बजे 112 कंट्रोल रूम पर एक इमरजेंसी कॉल आई। कॉलर ने रेलवे स्टेशन को उड़ाने की चेतावनी दी। इसकी सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया और तत्काल हाई-सिक्योरिटी एक्शन लिया गया।
सुरक्षा बलों ने किया कब्जा
सूचना के बाद सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ ही भारी पुलिस फोर्स, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS), एंटी-सैबोटेज चेक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर टीमों ने सभी प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, पार्सल ऑफिस और पार्किंग जोन की कड़ी जांच की। ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध चीजों की तलाश की गई और यात्रियों की आवाजाही पर पैनी नजर रखी गई। अधिकारियों ने पुष्टि की कि कोई भी विस्फोटक सामग्री या आपत्तिजनक चीज नहीं मिली है।
36 घंटे में दूसरा हादसा
यह घटना 36 घंटे से भी कम समय के अंतराल में दूसरी बार हुई है। इससे पहले गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे भी इसी तरह की धमकी भरी कॉल मिली थी, जिसके बाद भी स्टेशन की गहन जांच की गई थी।
क्या है सच्चाई?
शुक्रवार की कॉल की जांच में पुलिस को जिस फोन नंबर से कॉल की गई थी, वह अनिल नाम के एक व्यक्ति के नाम मिला है। पूछताछ में अनिल ने बताया कि उसका मोबाइल फोन 24 फरवरी से गायब है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि गुमशुदा फोन का इस्तेमाल करके ही किसी शख्स ने यह धमकी दी है।
अब क्या होगा आगे?
पुलिस अब इस मामले में गहराती जांच कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण किया जा रहा है, जबकि असली अपराधी की पहचान के लिए आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज को भी स्कैन किया जा रहा है। प्रशासन ने स्टेशन की सुरक्षा को और सख्त कर दिया है और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।

















