Noida News: जनपद में अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम, नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश तथा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विगत दिवस जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में नार्को कोर्डिनेशन सेंटर के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित प्रवर्तन एवं जनजागरूकता अभियानों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ और अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
संयुक्त प्रवर्तन अभियानों की जानकारी
बैठक में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने विगत माह के दौरान जनपद में चलाए गए संयुक्त प्रवर्तन अभियानों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ संयुक्त अभियान संचालित करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों एवं अवैध शराब के विरुद्ध सघन कार्रवाई की गई। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखते हुए नियमानुसार प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए केवल प्रवर्तन कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यापक जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, छात्रावासों, पीजी, कोचिंग संस्थानों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां किसी भी प्रकार की नशे से संबंधित गतिविधि संचालित न हो।
नशा एवं तंबाकू नियंत्रण शिविर आयोजित
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा की गई कार्रवाई से अवगत कराया। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि विभाग द्वारा जनपद के 34 शैक्षणिक संस्थानों में नशा एवं तंबाकू नियंत्रण विषयक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त अभियान चलाकर 10 शैक्षणिक संस्थानों के आसपास संचालित तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों को हटाने की कार्रवाई भी की गई, जिससे विद्यार्थियों की तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों तक आसान पहुंच को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, आबकारी, समाज कल्याण तथा अन्य संबंधित विभाग समन्वित कार्ययोजना के तहत निरंतर अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करते हुए प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर शासन की मंशा के अनुरूप जनपद को “नार्कोटिक्स फ्री जिला” बनाने के लक्ष्य को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए।
बैठक में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. श्वेता खुराना, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।























