US-Iran War: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य हमलों को 20 दिन बीत चुके हैं और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी इस तूफान ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को बड़ा संकट दे दिया है। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिए जाने के बाद, जहां से दुनिया की कुल ऊर्जा आयात-निर्यात का करीब 20 फीसदी गुजरता है, भारत समेत दुनिया भर में ऊर्जा संकट के बादल मंडराने लगे हैं। भारत के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर को लेकर पैनिक की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में भारत सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए कूटनीतिक मोर्चे पर सक्रियता बढ़ा दी है।
एक दिन में पांच देशों से संपर्क, सक्रिय हुई ‘मिडिल ईस्ट डिप्लोमेसी’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिडिल ईस्ट डिप्लोमेसी की गति इसी बात से भांपी जा सकती है कि उन्होंने गुरुवार को एक ही दिन में पांच देशों के शीर्ष नेताओं से फोन पर बातचीत की। ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी ने कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के नेताओं से विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में बनी गंभीर स्थिति पर चिंता जताई और ऊर्जा बुनियादी ढांचे (एनर्जी इंफ्रा) पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।
शांति और स्थिरता के लिए संवाद पर दिया जोर
पीएम मोदी ने सभी पांच नेताओं के साथ अपनी बातचीत में क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति के मार्ग को अपनाने पर जोर दिया। ऊर्जा संकट को देखते हुए उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और मुक्त आवाजाही बनाए रखने की महत्ता पर भी बल दिया। पीएम मोदी ने इन बातचीत का जायका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर भी साझा किया।
कतर और जॉर्डन के नेताओं से रिश्तों पर दिया भारी
पीएम मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात करते हुए उन्हें और कतर की जनता को ईद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत क्षेत्र के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करता है और कतर के साथ खड़ा है। कतर में रह रहे भारतीयों की देखभाल के लिए उन्होंने अमीर का आभार व्यक्त किया।
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वहीं, जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय को अपना ‘भाई’ बताते हुए पीएम मोदी ने उन्हें भी ईद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले निंदनीय हैं और इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। उन्होंने फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षित वापसी में जॉर्डन की मदद की भी सराहना की।
फ्रांस और ओमान के साथ रणनीतिक समझ
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत में दोनों नेताओं ने तनाव कम करने की तत्काल जरूरत पर सहमति जताई। मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस शांति स्थापित करने के लिए कूटनीति को प्राथमिकता देने हेतु साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा दोहराई। दोनों देशों ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और मुक्त आवाजाही के पक्ष में अपनी आवाज उठाई और तनाव कम करने के लिए संवाद को प्राथमिकता देने पर सहमति व्यक्त की।
मलेशिया के साथ साझा प्रतिबद्धता
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात करते हुए पीएम मोदी ने उन्हें ‘हरि राया ऐदिलफित्री’ की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की चिंताजनक स्थिति पर चर्चा की और संवाद और कूटनीति के जरिए शांति और स्थिरता बहाल करने की साझी प्रतिबद्धता दोहराई।
कई नेताओं से दूसरी बार बातचीत
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से पीएम मोदी लगातार वैश्विक नेताओं से संपर्क में हैं। इस दौरान उन्होंने कतर के अमीर, जॉर्डन के किंग और ओमान के सुल्तान से यह दूसरी बार बातचीत है। वहीं, फ्रांस और मलेशिया के नेताओं के साथ यह पहली बातचीत थी। ईरान युद्ध के इस दौर में पीएम मोदी ने इजरायल, ईरान, सऊदी अरब, यूएई और बहरीन समेत कई अन्य देशों के नेताओं से भी बात कर चुके हैं, जो भारत की सक्रिय और संतुलित विदेश नीति का परिचय देता है।






















