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Maharastra News : देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, न्यू एरा क्लीनटेक सॉल्यूशंस ने महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में भारत के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड कोल गैसीफिकेशन और कार्बन कैप्चर कॉम्प्लेक्स के निर्माण की शुरुआत कर दी है। सोमवार को आयोजित भूमि पूजन समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने प्रमुख उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रमुख विशेषताएं और निवेश
भद्रावती में लगभग 1,650 एकड़ क्षेत्र में फैले इस कॉम्प्लेक्स पर कुल 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना देश की सबसे बड़ी ‘कोल-टू-केमिकल्स’ पहलों में से एक होगी, जिसमें अत्याधुनिक गैसीफिकेशन तकनीक के साथ ही कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस) बुनियादी ढांचे को एकीकृत किया गया है।
क्या है परियोजना का उद्देश्य?
इस प्लांट का मुख्य उद्देश्य घरेलू कोयले का उपयोग करके उर्वरक, खनन, टेक्सटाइल और पैकेजिंग उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण रसायनों और ईंधन का उत्पादन करना है। संचालन शुरू होने पर यह सुविधा हर साल 50 लाख मीट्रिक टन (5 मिलियन) से अधिक कोयले का प्रसंस्करण करेगी। इससे न केवल केमिकल्स और फ्यूल्स के आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी।
चरणबद्ध विकास की रूपरेखा
इस विशाल प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जाएगा पहला चरण में अमोनिया, अमोनियम नाइट्रेट और मोनो एथिलीन ग्लाइकोल (एमईजी) के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दूसरा चरण में उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए डीएमई (डाइ मिथाइल ईथर), यूरिया, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) और एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “मुझे चंद्रपुर में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत कोयला गैसीकरण और कार्बन कैप्चर कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करते हुए प्रसन्नता हो रही है। मैं इस अवसर पर न्यू एरा क्लीनटेक को बधाई देता हूं।”
कंपनी का दृष्टिकोण
न्यू एरा क्लीनटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन मधुसूदन अग्रवाल ने कहा, “भारत के पास विशाल कोयला संसाधन हैं और यह परियोजना दर्शाती है कि उन्हें जिम्मेदारी और दक्षता के साथ कैसे उपयोग किया जा सकता है। इससे एक मजबूत घरेलू औद्योगिक इकोसिस्टम का निर्माण होगा।” उन्होंने आगे कहा, “उन्नत कोल गैसीफिकेशन टेक्नोलॉजी और कार्बन कैप्चर इंफ्रास्ट्रक्चर के एकीकरण के माध्यम से हमारा लक्ष्य उन केमिकल्स और फ्यूल्स का उत्पादन करना है, जिन्हें भारत वर्तमान में बड़ी मात्रा में आयात करता है। यह कॉम्प्लेक्स सर्कुलर कार्बन इकोनॉमी के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
पर्यावरणीय मंजूरी और संसाधन
परियोजना को पहले ही आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरियां प्राप्त हो चुकी हैं। कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कंपनी को एक समर्पित कोयला खदान भी आवंटित की गई है। यह पहल भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ तकनीकों की दिशा में संक्रमण को गति प्रदान करेगी।


























