दिल्ली में हो रहे ऐतिहासिक BRICS Summit 2026 के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए नोएडा पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी और डायवर्जन प्लान जारी किया है। यह एडवाइजरी 13 सितंबर तक लागू रहेगी, जिसमें राजधानी दिल्ली में प्रवेश करने वाले गैर-गंतव्य व्यावसायिक वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इस कदम का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और यातायात जाम से राहत देना है। यदि आप दिल्ली और नोएडा के बीच यात्रा कर रहे हैं या किसी विशेष मार्ग से गुजरने की योजना बना रहे हैं, तो इस लेख में दी गई विस्तृत जानकारी आपके लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान यातायात प्रबंधन का महत्व
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन दिल्ली में हो रहा है, जिसकी सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी है। इस कार्यक्रम के मद्देनजर दिल्ली में यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। नोएडा पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि हल्के, मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों पर 13 सितंबर तक दिल्ली में प्रवेश पर रोक रहेगी। वहीं, सामान्य यात्री वाहन और दिल्ली जाने वाले वाहन इससे मुक्त रहेंगे। इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करना है ताकि सम्मेलन के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
नोएडा पुलिस की ट्रैफिक डायवर्जन योजना
नोएडा पुलिस ने यातायात को सुगम बनाने के लिए विभिन्न मार्गों पर डायवर्जन योजना लागू की है। इस योजना के तहत, विभिन्न बॉर्डर और रास्तों से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। यहाँ प्रमुख डायवर्जन प्लान का विवरण दिया जा रहा है:
- चिल्ला बॉर्डर: चिल्ला रेड लाइट से दिल्ली प्रवेश कर रहे वाहन अब रेड लाइट से यू-टर्न लेकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से होकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) के रास्ते अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। इससे दिल्ली के मुख्य मार्ग से वाहनों का प्रवेश नियंत्रित रहेगा।
- डीएनडी फ्लाईवे: डीएनडी टोल प्लाजा से दिल्ली प्रवेश करने वाले वाहनों को टोल प्लाजा से यू-टर्न लेकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम होगा।
- कालिंदी कुंज बॉर्डर: कालिंदी कुंज यमुना बॉर्डर से दिल्ली जाने वाले वाहनों को यमुना नदी से पहले अंडरपास तिराहे से डायवर्ट किया जाएगा। ये वाहन एक्सप्रेसवे से होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तरफ निकलेंगे, ताकि ट्रैफिक का प्रवाह बना रहे।
- यमुना एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन: यमुना एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहनों को जीरो प्वाइंट से परीचौक, पी-3, कासना और सिरसा होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का मार्ग अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या नियंत्रित रहेगी।
- परीचौक से जाने वाले वाहन: परीचौक से दिल्ली की ओर जाने वाले भारी और मध्यम वाहन पी-3, कासना, सिरसा होकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे। इससे मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
- फलैदा कट डायवर्जन: फलैदा कट, रबुपुरा से सर्विस रोड होकर गलगोटिया, गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी, पुस्ता तिराहा, होंडा सीएल चौक और कस्बा कासना होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा। यह व्यवस्था भी यातायात को नियंत्रित करने के लिए लागू की गई है।
यातायात में सुगमता के लिए वैकल्पिक मार्ग
नोएडा और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले ड्राइवरों को सलाह दी गई है कि वो जाम से बचने के लिए ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का प्रयोग करें। इन मार्गों का उपयोग करने से न सिर्फ यात्रा की अवधि कम होगी, बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, यदि किसी भी तरह की असुविधा या यातायात संबंधित समस्या का सामना हो, तो यातायात हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क करें।
सभी भारी और वाणिज्यिक वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट करने का यह निर्णय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और यातायात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है। नोएडा पुलिस का मानना है कि इस योजना से ब्रिक्स समिट के दौरान यातायात का दबाव कम होगा और आम जनता को भी राहत मिलेगी।
यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा का आनंद लें
यात्रियों से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और निर्देशित मार्गों का ही प्रयोग करें। इससे न केवल आप अपनी यात्रा सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि सम्मेलन के दौरान दिल्ली में यातायात व्यवस्था भी सुगम रहती है। किसी भी आपात स्थिति या यातायात संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क करें।

























