व्लादिमीर पुतिन का तीखा तंज, रूस-भारत की संयुक्त टिप्पणी

राष्ट्रपति पुतिन ने अपने भाषण में कहा कि विश्व में बड़े बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो देश 20वीं सदी के दूसरे हिस्से में अर्थव्यवस्था में सबसे आगे थे, उनकी जगह अब नए विकास इंजन ले रहे हैं। इसमें चीन, भारत, ब्राज़ील जैसे देश शामिल हैं।

G7 पर ब्रिक्स की बढ़ती ताकत और दुनिया के बदलते समीकरण

HIGHLIGHTS

  • G7 का वजूद क्यों कम हो रहा है: पुतिन का बड़ा बयान?
  • दुनिया के बदलते समीकरण: ब्रिक्स क्यों बन रहा है नई आर्थिक शक्ति?
  • पुतिन का तंज: G7 की जीडीपी क्यों अब दुनिया में कम है?
  • नई विश्व व्यवस्था: ब्रिक्स क्यों बढ़ा रहा है अपना प्रभाव?

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में अपने भाषण में अमेरिका और पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश दिया है, खासकर G7 देशों पर उनके तीखे तंज ने हर किसी का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि विश्व की आर्थिक और राजनीति शक्ति का केंद्र अब पुराने गठबंधनों से हटकर नई शक्ति केंद्रों की ओर बढ़ रहा है, जिनमें ब्रिक्स (BRICS) का योगदान प्रमुख है। इस संदर्भ में पुतिन का बयान, जो कि दुनिया के बदलते वैश्विक समीकरणों को दर्शाता है, बहुत महत्वपूर्ण है। आइए इस लेख में जानते हैं कि पुतिन ने G7 पर क्यों तंज कसा, ब्रिक्स की बढ़ती भूमिका, और कैसे यह बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।

G7 का इतिहास और वर्तमान स्थिति

G7, यानी ग्रुप ऑफ सेवन, में दुनिया की सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं, जैसे अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, और जापान। यह समूह 1975 में स्थापित हुआ था, और इसकी मुख्य भूमिका वैश्विक आर्थिक नीतियों, वित्तीय स्थिरता और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करना है। परंतु, आज की दुनिया में इसकी प्रभावशाली स्थिति में कमी देखी जा रही है। इसकी जीडीपी और वैश्विक आर्थिक हिस्सेदारी कम हो रही है, जबकि उभरते हुए देशों का वर्चस्व बढ़ रहा है।

ब्रिक्स का उदय और इसकी वैश्विक भूमिका

BRICS का गठन 2009 में हुआ था, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। यह समूह मुख्य रूप से उन उभरते हुए बाजारों का प्रतिनिधित्व करता है, जिनकी आर्थिक वृद्धि दर तेज है। हाल के वर्षों में, BRICS देशों ने वैश्विक GDP का बड़ा हिस्सा संभाला है। पुतिन ने अपने भाषण में कहा कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया की 40 प्रतिशत से अधिक GDP BRICS देशों से आई है, वहीं G7 की हिस्सेदारी केवल 29 प्रतिशत के आसपास रह गई है। यह दर्शाता है कि वैश्विक शक्ति का केंद्र धीरे-धीरे इन उभरते हुए देशों की ओर बढ़ रहा है।

वर्ल्ड बैंक और IMF का बदलता परिदृश्य

आंकड़ों से पता चलता है कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में बदलाव आ रहा है। रिपोर्टें कहती हैं कि BRICS देशों की घरेलू बाजारें बहुत अधिक गतिशील हैं। इन देशों में आबादी का बड़ा हिस्सा रहता है, जो कि आर्थिक विकास के लिए एक मजबूत आधार है। इसके अलावा, इन देशों का आर्थिक प्रभाव, तकनीकी नवाचार और ऊर्जा संसाधनों पर नियंत्रण भी बढ़ रहा है। पुतिन ने इस संदर्भ में कहा कि विश्व की बुनियादी संरचनाओं में बदलाव हो रहा है, और यह बदलाव स्थायी और गहरे हैं।

पुतिन का संदेश: नई दुनिया की तस्वीर

राष्ट्रपति पुतिन ने अपने भाषण में कहा कि विश्व में बड़े बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो देश 20वीं सदी के दूसरे हिस्से में अर्थव्यवस्था में सबसे आगे थे, उनकी जगह अब नए विकास इंजन ले रहे हैं। इसमें चीन, भारत, ब्राज़ील जैसे देश शामिल हैं। पुतिन ने यह भी कहा कि पुरानी ताकतें, जिनके पास मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी श्रेष्ठता और वैज्ञानिक अनुसंधान हैं, अब अपने स्थान पर नहीं रहीं। इसके बजाय, नई शक्ति वाले देश अधिक प्रभावशाली हो रहे हैं, और वे वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कर रहे हैं।

G7 क्यों पीछे रह गया?

पुतिन का मानना है कि G7 की प्रभावशीलता कम हो रही है क्योंकि इसकी जीडीपी अब वैश्विक GDP का केवल एक हिस्सा है। इसके अलावा, इसकी सदस्य देशों की आर्थिक वृद्धि दर धीमी हो रही है, जबकि BRICS और अन्य उभरते हुए देशों की तेज है। उन्होंने कहा कि G7 का यह समूह अब दुनिया का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि यह एक पुराना समूह बन गया है, जिसका विश्व की बदलती अर्थव्यवस्था में कम प्रभाव है।

BRICS और नई आर्थिक शक्ति

आज की दुनिया में, BRICS देशों का आर्थिक और राजनीतिक वर्चस्व बढ़ रहा है। इनमें से हर देश अपने-अपने क्षेत्रों में आर्थिक सुधार और तकनीकी प्रगति कर रहा है। भारत की धरती से पुतिन ने कहा कि इन देशों के पास बड़े घरेलू बाजार हैं, जो कि वैश्विक आर्थिक विकास का इंजन बन सकते हैं। साथ ही, इन देशों के बीच सहयोग मजबूत होने से वैश्विक राजनीति में भी नई ताकत का संचार हो रहा है।

Sandhya Samay News

संध्या समय न्यूज़ – आपके विश्वास की आवाज़ संध्या समय न्यूज़ की स्थापना वर्ष 2018 में की गई, जो कि MSME में विधिवत रूप से पंजीकृत है। हमारा उद्देश्य समाज तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है। हम देश-प्रदेश की ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों, और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं। हम अपने सभी दर्शकों और पाठकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें लगातार देखा, समझा और अपना विश्वास बनाए रखा। आपकी यही सराहना और समर्थन हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। संध्या समय न्यूज़ हमेशा सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों पर कार्य करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now